बिहार के इन 9 जिलों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत करेगा BSNL, पहाड़ और घने जंगल वाले इलाकों में भी मिलेगा 4जी

हिन्दुस्तान, कार्यालय संवाददाता, पटना
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बिहार के गया, नवादा और अरवल समेत 9 जिलों में BSNL के नेटवर्क को अपग्रेड करने की तैयारी है। ये सभी क्षेत्र लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (एलडब्ल्यूई) प्रभावित माने जाते हैं, जहां पहाड़ी, घने जंगल और दुर्गम रास्ते संचार की मुख्य बाधा रहे हैं।

BSNL
बीएसएनएल

बिहार के वैसे जिले जहां पहाड़ी, घने जंगल और दुर्गम क्षेत्र हैं, वहां भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) नेटवर्क को मजबूत करेगा। कंपनी ने राज्य के नौ जिलों में नेटवर्क को मजबूत करने की पहल की है। इसके तहत 4जी में अपग्रेडेशन का कार्य किया जा रहा है। 250 मोबाइल साइट्स को अपग्रेड कर 4जी नेटवर्क से लैस करने की प्रक्रिया चल रही है। ये जिले अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, जमुई, कैमूर और बांका हैं। ये सभी क्षेत्र लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (एलडब्ल्यूई) प्रभावित माने जाते हैं, जहां पहाड़ी, घने जंगल और दुर्गम रास्ते संचार की मुख्य बाधा रहे हैं।

बीएसएनएल के महाप्रबंधक (सीएम) अली एहतेशाम ने बताया कि इन क्षेत्रों में जब नक्सलवाद हावी था तब नेटवर्क की स्थिति भी ठीक नहीं थी, जिसे अब बीएसएनएल सुदृढ़ कर रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक 2जी नेटवर्क होने से सिर्फ बुनियादी वॉयस कॉल ही संभव हो पाती थी। इंटरनेट स्पीड अत्यंत धीमी होने से डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। इसका सीधा असर सुरक्षा बलों के संचालन, आपातकालीन संचार, प्रशासनिक कार्यों और आम जनजीवन पर पड़ता था। जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 59 साइटों पर जमुई में हैं।

इससे इन इलाकों में न केवल कॉल क्वालिटी में सुधार होगा, बल्कि हाई-स्पीड इंटरनेट से सुरक्षा बलों को रियल-टाइम इंटेलिजेंस और आपात स्थिति में बेहतर समन्वय करने में मदद मिलेगी। वहीं आम नागरिकों के लिए यह वरदान साबित होगा। बीएसएनएल ने राज्य के अलग- अलग जिलों में 144 से अधिक साइट्स चिह्नित किए जहां किसी भी टेलीकॉम सेवा प्रदाता का मोबाइल नेटवर्क नहीं था। ऐसे छह जिलों में चिह्नित 90 साइट्स का 4जी नेटवर्क स्थापित किया गया है। वहीं 54 साइट्स पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। इससे पांच लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा।

क्या है डिजिटल भारत निधि फंड

डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) भारत सरकार का एक कोष है, जिसका उद्देश्य देश के दूरदराज, ग्रामीण और अविकसित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, यह कोष दूरसंचार में अनुसंधान एवं विकास, पायलट परियोजनाओं और नई तकनीकों को शुरू करने में भी मदद करता है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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