घूसखोर रजिस्ट्रार मणिरंजन बर्खास्त, SVU रेड में मिला था नोटों का जखीरा; सम्राट कैबनेट का फैसला
समस्तीपुर के पूर्व जिला रजिस्ट्राट मणि रंजन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एसवीयू की रेड में उनके ठिकानों के नोटों का जखीरा बरामद किया गया था।
Bihar News: बिहार सरकार ने समस्तीपुर के पूर्व जिला सब रजिस्ट्रार मणिरंजन के सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मणिरंजन के ठिकानों पर 2021 में आय से अधिक संपत्ति के आरोप में स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने छापेमारी की थी। रेड के दौरान नोटों की गड्डी देखकर टीम के अधिकारी और कर्मी हैरान रह गए। सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग में रिश्वतखोर अफसर की सेवा की समाप्ति पर मुहर लगा दी। मणिरंजन के चार ठिकानों से नोटों की गड्डियां, जेवर और बेनामी संपत्ति के ढ़ेर सारे दस्तावेज मिले थे।
सोमवार को बिहार कैबिनेट की बैठक मुख्यंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मंत्रिमंडल ने समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक मणिरंजन को गंभीर आरोपों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी। मणिरंजन वर्तमान में गया स्थित सहायक निबंधन महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थापित हैं।
मणि रंजन पर आरोप था कि दलसिंहसराय के पगड़ा स्थित एक जमीन की रजिस्ट्री में सरकार को 13 लाख का चूना लगा दिया। जमीन खाता संख्या 387 , खेसरा संख्या 1147 की कुल रकवा 274.68 डिसिमिल जमीन की रजिस्ट्री के मामले में अवर निबंधक मणि रंजन ने 2 मार्च 2021 को जांच कर आवासीय बताया और एक लाख 42 हजार प्रति डिसिमिल की दर से राजस्व मूल्य लगाया था। जबकि तीन माह बाद 14 जून 2021 को उसी जमीन को अवर निबंधक ने जांच में कृषि भूमि बता दिया और 20 हजार प्रति डिसिमिल लगाया। इतना ही नहीं 136 डिसिमल जमीन का रजिस्ट्री तक हो गई।
विशेष निगरानी इकाई ने 16 दिसंबर को सब रजिस्ट्रार मणि रंजन के खिलाफ आय से 1 करोड़ 62 लाख आय से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया। इसके बाद उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई। विशेष निगरानी इकाई यानी SVU ने समस्तीपुर स्थित दफ्तर और आवास सहित मुजफ्फरपुर और पटना में भी कई ठिकानों पर छापेमारी की। उनके ठिकाने से 5 सौ और दो हजार की नोटों की इतनी गड्डियां मिली कि छापेमारी दल दंग रह गया। ठिकानों से भारी मात्रा में गहने जेवर और प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी बरामद किए गए। भ्रष्टाचार के आरोप में छापेमारी और बरामदगी के बाद अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चल रही थी।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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