
ब्राह्मण, दलित या अति पिछड़ा? कौन होगा बिहार का अगला बीजेपी अध्यक्ष, रेस में ये नाम
बिहार में नए भाजपा अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई है। कलवार जाति से आने वाले दिलीप जायसवाल की जगह अति पिछड़ा वर्ग के अलावा ब्राह्मण और दलित वर्ग से भी नेताओं के नामों पर चर्चा की जा रही है।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नया अध्यक्ष कौन होगा, इस पर चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मौजूदा भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बना दिया गया है। भाजपा के ‘एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत’ के तहत जायसवाल की जगह अब किसी अन्य नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की पार्टी ने तलाश भी शुरू कर दी है। सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इस पद के लिए ब्राह्मण-सवर्ण, दलित और अति पिछड़ा वर्ग से कुछ नामों की चर्चा चल रही है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भाजपा के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में कैंप करने वाले एक सीनियर नेता को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के संभावित उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार करने का टास्क दिया है। उनके द्वारा तीन नामों का पैनल बनाकर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इसके बाद आलाकमान द्वारा किसी एक नाम पर मुहर लगाई जाएगी।
भाजपा सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए बिहार में अपने नए अध्यक्ष का चयन करेगी। इसके लिए दलित, सवर्ण और अति पिछड़ा वर्ग से मजबूत चेहरा की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बिहार में भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति नए साल में होगी। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल अति पिछड़ा वर्ग की कलवार जाति से ताल्लुक रखते हैं।
बिहार में भाजपा अध्यक्ष की रेस में ये नाम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष में दलित चेहरे के तौर पर सबसे आगे जनक राम का नाम चल रहा है। वे नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और सांसद भी रहे हैं। भाजपा में आने से पहले वे बसपा में लंबे समय तक रहे।
अति पिछड़ा वर्ग से संजीव चौरसिया का नाम चर्चा में है। बिहार में इस वर्ग की आबादी एक तिहाई से भी ज्यादा है। चौरसिया सिक्किम, मणिपुर और मेघालय के राज्यपाल रह चुके गंगा प्रसाद के बेटे हैं और शुरुआत से भाजपा से ही जुड़े हुए हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में वह लगातार तीसरी बार जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें संगठन का अच्छा अनुभव है। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के बिहार में प्रमुख ब्राह्मण चेहरा मिथिलेश तिवारी का नाम सवर्ण वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष की रेस में आगे चल रहा है। उनका भी संगठन में काम करने का व्यापक अनुभव है और वे संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर से विधायक बने हैं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में वे बक्सर से हार गए थे।
ब्राह्मण चेहरे के रूप में नीतीश मिश्रा का नाम भी चर्चा में है। पिछली सरकार में उद्योग मंत्री रहे मिश्रा को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। वह झंझारपुर से विधायक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के बेटे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सवर्ण चेहरे के लिए भाजपा के कद्दावर नेता रहे सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर का नाम भी आगे चल रहा है।





