BPSC TRE-4 विज्ञापन 3 दिन में चाहिए, 10 अप्रैल से आमरण अनशन का ऐलान; दिलीप कुमार बोले- पानी सिर से ऊपर जा रहा
बीपीएससी टीआरई-4 के विज्ञापन में हो रही देरी के चलते शिक्षक अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने 10 अप्रैल से पटना में आमरण अनशन की चेतावनी दे दी है।

BPSC TRE 4 Notification: बिहार लोक सेवा आयोग के चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में शिक्षक अभ्यर्थियों ने एक बार फिर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर अगले 3 दिनों के भीतर टीआरई-4 का विज्ञापन बीपीएससी की वेबसाइट पर नहीं जारी किया गया, तो 10 अप्रैल से आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बीपीएससी के खिलाफ आक्रोश जताया और वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने मंगलवार को पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दो सालों से टीआरई-4 को लेकर अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2024 को ही टीआरई-4 का एग्जाम होना था। बीपीएससी के कैलेंडर में इसकी तारीख भी दे दी गई थी। मगर लगातार इसे टाला गया।
उन्होंने कहा कि पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। 2025 में टीआरई-4 और 2026 में टीआरई-5 का एग्जाम करवाया जाएगा। मगर, अभी तक चौथे चरण की शिक्षक बहाली का विज्ञापन ही नहीं आया है।
छात्र नेता ने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने भी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीआरई 4 का एग्जाम, रिजल्ट और जॉइनिंग की तारीख घोषित कर दी थी। उनके अनुसार, 26 जनवरी 2026 से पहले चौथे चरण की शिक्षक बहाली के तहत जॉइनिंग भी हो जानी चाहिए थी। मगर लगातार इस भर्ती को लटकाया जा रहा है।
दिलीप कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग और बीपीएससी की ओर से लगातार अभ्यर्थियों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। शिक्षा विभाग की अधियाचना में संशोधन की बात कहकर आयोग बहाना बना रहा है। अगर अब कोई संशोधन करना है तो विज्ञापन जारी करने के बाद करें। पहले विज्ञापन जारी होना चाहिए। अब पानी सिर के ऊपर जा रहा है। अभ्यर्थियों के धैर्य की सीमा खत्म हो रही है।
उन्होंने पटना में गांधी मूर्ति के पास सरकार से आमरण अनशन की अनुमति मांगी है। साथ ही कहा कि अगर सरकार यहां परमिशन नहीं देती है, तो गर्दनीबाग में आंदोलन करेंगे। दिलीप कुमार ने पूरे बिहार से शिक्षक अभ्यर्थियों को 10 अप्रैल से पटना में जुटने का आह्वान किया है।
पिछले महीने भी निकाला था मार्च
बता दें कि बीते 18 मार्च को भी पटना में छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में शिक्षक अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने पटना में मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच गहमागहमी भी हुई थी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


