
बिहार के 23 जिलों से अब तक नहीं आई टीचर वैकेंसी, दिसंबर में होने वाली थी BPSC TRE परीक्षा
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की चौथे चरण की शिक्षक बहाली परीक्षा (BPSC TRE 4 Exam) को सरकार ने दिसंबर महीने में आयोजित कराने की बात कही थी। मगर अभी तक 23 जिलों से टीचर के खाली पदों की जानकारी मुख्यालय तक नहीं मिली है। ऐसे में टीआरई 4 में अभी समय लगेगा।
BPSC TRE 4: स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर बहाली में देरी तय है। कारण है कि शिक्षा विभाग को अब भी राज्य के 38 जिलों में से 15 से ही कक्षा एक से 12 तक में शिक्षकों की रिक्ति मिली है। सभी जिलों से रिक्ति नहीं आने से विद्यालय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई 4) आयोजन की तिथि भी तय नहीं हो पा रही है। अब तक 23 जिलों से शिक्षकों के खाली पड़े पदों की जानकारी विभाग तक नहीं पहुंच पाई है। सरकार ने दिसंबर महीने में बीपीएससी टीआरई 4 परीक्षा का आयोजन करने की बात कही थी, लेकिन साल खत्म होने को है और अभी तक रिक्त पदों की संख्या पता नहीं चल पाई है।
रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, शिवहर, पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बांका और गया सहित 15 जिलों ने ही शिक्षकों की वैकेंसी मुख्यालय को भेजी है। सभी जिलों से रिक्ति मिलने और रोस्टर क्लियरेंस के बाद ही विद्यालय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई 4) के लिए रिक्ति बीपीएससी को भेजी जाएगी। दरअसल, राज्य में 78 हजार प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना मांगी जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने जिलों को पत्र सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिक्ति मांगी है।
पिछले दिनों शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने रिक्ति नहीं भेजने वाले जिलों के अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी थी। इसके बाद भी वैकेंसी नहीं मिल रही है। इसके पहले 21 सितंबर को तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने प्रेस वार्ता कर बताया था सितंबर अंत तक रिक्ति बीपीएससी को चली जाएगी। शिक्षा विभाग ने टीआरई 4 में संभावित रिक्ति 26 हजार बतायी थी। यह भी कहा गया था कि टीआरई 4 दिसंबर तक हो जाएगी। इसके बाद टीआरई 5 अगले वर्ष 2026 में आयोजन की बात कही थी।
इसके पहले सभी विषयों की एसटीईटी करा कर 16 नवंबर को रिजल्ट जारी करने की बात कही गई थी। लेकिन अभी विभिन्न विषयों के लिए एसटीईटी (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित ही की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभिन्न जिलों से कक्षा एक से 12 तक लगभग एक लाख शिक्षकों की रिक्ति आने की संभावना है। शिक्षक नियुक्ति दो चरणों में होगी।
पिछले दो वर्षों में बीपीएससी की अनुशंसा पर तीन चरणों में 2 लाख 68 हजार 548 अध्यापकों की बहाली हुई है। पहले चरण में एक लाख 2 हजार 871 तो दूसरे चरण में 69 हजार 500 अध्यापक नियुक्त हुए।
भर्ती में लागू होगा डोमिसाइल
टीआरई 4 में पहली बार व्यवस्था होगी कि राज्य के युवाओं के लिए लगभग 85 फीसदी सीटें रिजर्व रहेंगी। 15 फीसदी सीटों पर ही दूसरे राज्य के निवासी और बिहार के वैसे निवासी जिनकी मैट्रिक और इंटरमीडिए की डिग्री दूसरे राज्यों की है, की भर्ती होगी। डोमिसाइल लागू होने से बिहार के अधिक युवाओं को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा। कक्षा 5 तक के लिए शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य कोटि में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार की महिला अभ्यर्थियों को ही मिलेगा। पहले तीन चरणों में उत्तरप्रदेश और झारखंड सहित अन्य राज्यों से महिला अभ्यर्थी काफी संख्या में नियुक्त हो गए हैं।





