बिहार के हर प्रमंडल में खुलेगा नेत्रहीन विद्यालय, दिव्यांगों के नियम भी बदले; सरकार के बड़े ऐलान
बिहार विधानसभा में सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने राज्य के हर प्रमंडल में 500-500 बेड की क्षमता वाले नेत्रहीन और मूक बधिर विद्यालय खोलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को सिविल सेवा प्रोत्साहन और उद्यमी योजना से भी जोड़ा जाएगा।

बिहार के हर प्रमंडल में नेत्रहीन और मूक बधिर विद्यालय खोले जाएंगे। इनकी क्षमता 500-500 बेड प्रति विद्यालय होगी। नीतीश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान यह घोषणा की। सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि ऐसे सभी स्कूलों को 8वीं से प्लस टू यानी 12वीं तक क्रमोन्नत किया जाएगा। राज्य सरकार ने दिव्यांग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के नियम में भी बदलाव की घोषणा की। अब 60 फीसदी की जगह शारीरिक रूप से 40 फीसदी दिव्यांग व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
बिहार में अभी दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूलों की संख्या कम है। मंत्री सहनी ने सदन के अंदर बताया कि अभी राज्यभर में सिर्फ तीन नेत्रहीन विद्यालय ही हैं, जो पटना, दरभंगा और भागलपुर में स्थित हैं। इसके अलावा पटना में दो और भागलपुर, दरभंगा एवं मुंगेर में एक-एक मूक बधिर विद्यालय है। सरकार अब इनकी संख्या बढ़ाने जा रही है।
सामाजिक कल्याण मंत्री ने सदन में बताया कि दिव्यांगो को रोजगार एवं शिक्षा से जोड़ने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगजन को बिहार लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा एवं इंटरव्यू की तैयारी के लिए क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जोड़ने का काम भी हो रहा है। दिव्यांगों को उद्यम लगाने के लिए सरकार की ओर से कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
मंत्री के दावे पर भड़का विपक्ष, सदन से वॉकआउट
बिहार विधानसभा में जब मंत्री मदन सहनी का संबोधन हो रहा था, तब हंगामे की स्थिति बन गई। दरअसल, भाषण की शुरुआत में सहनी ने दावा किया कि आरजेडी और कांग्रेस के 180 महीनों के शासनकाल के दौरान बिहार में 118 नरसंहार हुए। इस पर विपक्ष भड़क गया। आरजेडी समेत अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। फिर उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


