
बिहार में कायस्थों को एक सीट मिलने की कसक थी, नितिन नवीन को BJP अध्यक्ष बनाने की ही तैयारी!
बिहार में लगभग आधी फीसदी आबादी वाली कायस्थ जाति को भाजपा कोटे से विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट मिलने की कसक थी। पार्टी ने उस एक सीट के विधायक नितिन नवीन को जेपी नड्डा की जगह पर नया भाजपा अध्यक्ष बनाने की तैयारी के संकेत दिए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कोर वोटर कायस्थ जाति से आने वाले बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर जगत प्रकाश नड्डा का उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी के संकेत दे दिए गए हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा कोटे से मात्र नितिन नवीन की एक सीट बांकीपुर मिलने और कुम्हरार सीट पर कायस्थ को टिकट नहीं देने की एक कसक कायस्थ समाज में थी। नितिन नवीन के इस प्रोमोशन से अब अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा एक कायस्थ नेता के हाथों में पार्टी का नेतृत्व ही सौंपने जा रही है।
कार्यकारी अध्यक्ष के अध्यक्ष बनने का भाजपा में कोई नियम या परंपरा नहीं है लेकिन अमित शाह को 2019 में पार्टी अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान जब नरेंद्र मोदी सरकार में गृहमंत्री बनाया गया था, तब जेपी नड्डा भी इसी तरह पहले कार्यकारी अध्यक्ष और बाद में 2020 से पूर्णकालिक अध्यक्ष बने थे। जेपी नड्डा का कार्यकाल 2023 तक था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उनको विस्तार दे दिया गया था, जो अब तक चल रहा है।
बिहार में भाजपा ने कायस्थ से सिर्फ नितिन नवीन को टिकट दिया था और वो पांचवीं बार जीतकर नीतीश सरकार में मंत्री बने हैं। एनडीए के स्तर पर देखें तो जेडीयू ने भी सिकटा से समृद्ध वर्मा को लड़ाकर कायस्थ को एक टिकट दिया था। नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा लालू यादव के कार्यकाल के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता बनकर उभरे थे। समृद्ध वर्मा के पिता दिलीप वर्मा भी कई बार विधायक रह चुके हैं।
यूपी बीजेपी का अध्यक्ष पंकज चौधरी को बनाने के बाद उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की सूची जारी हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत 120 नेता यूपी से राष्ट्रीय परिषद सदस्य बनाए गए हैं, जो मतदान की नौबत आने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोटर हो सकते हैं। माना जा रहा है कि खरमास के बाद यानी मकर संक्रांति के बाद भाजपा के नए अध्यक्ष के चुनाव के कार्यक्रम घोषित हो जाएंगे और होली तक पार्टी को अगला पूर्णकालिक अध्यक्ष मिल जाएगा। जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी और बाद में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने से यह संकेत मिल रहा है कि नितिन नवीन को भी उसी तरह अभी कार्यकारी और अगले साल पूर्णकालिक अध्यक्ष चुना जा सकता है।





