साहेबगंज में उप-चुनाव कब होंगे? विधानसभा से राजू सिंह की सीट खाली होने का इंतजार
Raju Singh Sahebganj: बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव की उलटी गिनती शुरू है, क्योंकि भाजपा विधायक राजू सिंह को हत्या के एक केस में 4 साल की सजा हो चुकी है। राजू वहां 5 बार जीते हैं और एक बार मंत्री रहे हैं।

Raju Singh Sahebganj: बिहार विधानसभा की बांकीपुर सीट के लिए उप-चुनाव की प्रक्रिया के बीच मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज सीट पर भी उप-चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। ये सीट भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक और पूर्व मंत्री राजू कुमार सिंह को हत्या के केस में 4 साल की सजा होने से खाली होने की कगार पर है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में 4 जुलाई को राजू को सजा का ऐलान हुआ था, लेकिन औपचारिक प्रक्रिया में समय लगने के कारण विधानसभा सचिवालय ने अभी तक साहेबगंज सीट को रिक्त घोषित नहीं किया है। अदालती फैसलों के तहत साहेबगंज सीट को 4 जुलाई की प्रभावी तारीख से ही खाली घोषित किया जाएगा।
बिहार विधानसभा सचिवालय में अफसरों ने साहेबगंज सीट को रिक्त घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी सरकार द्वारा राजू सिंह को हुई सजा की औपचारिक सूचना विधानसभा को नहीं दी गई है। स्थापित प्रक्रिया के तहत सदन के किसी सदस्य को सजा होने पर राज्य का अभियोजन विभाग (प्रॉजिक्यूशन) विधानसभा को जानकारी देता है, जिस पर स्पीकर कानूनी प्रावधानों के तहत फैसला करते हैं। अभियोजन विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह मंत्रालय के अधीन है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि चूंकि राजू सिंह को दिल्ली की अदालत में सजा सुनाई गई है, इसलिए वहां से कोर्ट के आदेश की औपचारिक कॉपी हासिल करने में समय लग रहा है। जैसे ही दिल्ली से आधिकारिक जानकारी अभियोजन विभाग के पास आएगी, वैसे ही विधानसभा सचिवालय भेज दी जाएगी। राज्य चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि जब विधानसभा द्वारा साहेबगंज को रिक्त सीट घोषित करने की औपचारिक जानकारी मिलेगी, उसके बाद उप चुनाव की तैयारियां शुरू होगी।
साहेबगंज सीट से पहली बार लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर 2005 के पहले चुनाव में जीते राजू सिंह 2005 का दूसरा चुनाव जनता दल यूनाइटेड से लड़े। दोनों बार उनकी जीत हुई। 2010 में भी राजू जेडीयू से एमएलए बने। 2015 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के राम विचार राय ने उनको हरा दिया था, लेकिन 2020 में वो विकासशील इंसान पार्टी से जीते। बीजेपी ने जब मुकेश सहनी को डंप किया तो राजू सिंह भाजपा के विधायक बन गए और 2025 का चुनाव भी भाजपा से ही जीते हैं। अब उनकी पत्नी रेणु सिंह स्वाभाविक रूप से टिकट की रेस में हैं। भाजपा पत्नी या बेटे को चुनाव लड़ाती है या किसी नए कैंडिडेट को उतारती है, ये देखना होगा। राजद नवंबर 2025 में दूसरे नंबर पर रहे पृथ्वीनाथ राय को फिर लड़ा सकती है, क्योंकि वो 13 हजार से कुछ ज्यादा वोट के अंतर से हारे थे।


