भाजपा के मिजोरम प्रभारी, शराब केस से विवाद में आए; दीपक प्रकाश के लिए इस्तीफा देने वाले देवेश कुमार कौन?
मंत्री दीपक प्रकाश के लिए बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले देवेश कुमार भाजपा के मिजोरम प्रभारी हैं। चार साल पहले शराब पीने के एक मामलों से वह विवादों में आए थे। सदन में वह एक बार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी भिड़ गए थे।

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश के लिए एमएलसी पद त्यागने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के देवेश कुमार चर्चा में हैं। देवेश मूलरूप से समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं। वह बीते 5 साल से भाजपा के एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त होने वाला था। मगर उससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। चर्चा है कि उनकी जगह राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया जाएगा, जो अभी बिहार के पंचायती राज मंत्री हैं। देवेश ने एमएलसी सीट किसी के कहने पर छोड़ी या खुद से ही इस्तीफा दिया, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 62 वर्षीय देवेश कुमार मूलरूप से समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड के महमदपुर देवपार गांव के रहने वाले हैं। उनके दादा दिवंगत यमुना कार्जी स्वतंत्रता सेनानी रहे। बाद में कांग्रेस शासनकाल में विधायक भी चुने गए। देवेश का बचपन सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता के बीच ही बीता।
देवेश ने एमए और एमफिल तक की पढ़ाई की। छात्र जीवन में वह एबीवीपी से जुड़े रहे। पढ़ाई के बाद पत्रकार के रूप में करियर बनाया। इसके बाद सक्रिय राजनीति में आ गए। संगठन पर अच्छी पकड़ रखने के चलते भाजपा में वे प्रदेश उपाध्यक्ष से मिजोरम के प्रभारी तक बने।
शराब केस से विवादों में आए देवेश कुमार
साल 2022 में देवेश कुमार पर शराब पीने का आरोप लगा था। 7 जुलाई 2022 को वह अपने किसी दोस्त के साथ रोड एक्सीडेंट के मामले में पटना के पाटलिपुत्र थाने गए थे। पुलिस ने उनके द्वारा शराब पीने की आशंका के बाद ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद उनका ब्लड सैंपल लिया गया। फॉरेंसिक जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई थी। हालांकि, देवेश कुमार ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें साजिश के तहत मामले में फंसाया गया।
बता दें कि बिहार में साल 2016 से शराबबंदी कानून लागू है और शराब का सेवन अपराध माना जाता है। पहली बार शराब के नशे में पाए जाने पर जुर्माना और हिदायत देकर छोड़ा जाता है। बार-बार पकड़े जाने पर जेल हो सकती है।
सदन में राबड़ी देवी से भिड़े
फरवरी 2026 में बिहार विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान देवेश कुमार की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से बहसबाजी हो गई थी। बच्ची से बलात्कार के एक मामले पर विपक्ष ने सदन में हंगामा किया था। उसी दौरान देवेश कुमार ने कुछ कहा, उस पर पूर्व सीएम राबड़ी देवी भड़क गईं। वह अपनी जगह से उठकर सत्ता पक्ष में बैठे देवेश की ओर बढ़ने लगीं। इस पर सदन का माहौल गर्मा गया था।
राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि भाजपा के सदस्य देवेश कुमार ने उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इसी बात पर आपत्ति दर्ज कराने उनकी ओर गई। वहीं, देवेश कुमार ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी और आरजेडी के सदस्य उन पर आक्रामक हो गए थे, उन पर हमला हो सकता था।
देवेश के इस्तीफे से समर्थकों को झटका
देवेश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद उनके शुभचिंतकों को झटका लगा है। उनके पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग इस कदम से हैरान हैं। शुक्रवार शाम देवेश के त्याग पत्र को लेकर क्षेत्र में चर्चा आम हो गई। लोग एक-दूसरे से जानकारी लेकर संतुष्ट होने के प्रयास में जुटे रहे।


