
बिहार चुनाव: BJP के इन 11 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर, दोनों डिप्टी सीएम के भाग्य का फैसला
संक्षेप: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पिता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी छह बार और उनकी मां पार्वती देवी एक बार इस सीट से चुनाव जीत चुकी हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा लखीसराय से चुनाव मैदान में हैं।
बिहार विधानसभा के चुनाव इस बार दो चरणों में हो रहे हैं। दल हों या गठबंधन, हर किसी के लिए दोनों ही चरण समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। पर, भाजपा के लिए पहला चरण इस मायने में खास है कि पार्टी के 11 मंत्रियों की प्रतिष्ठा इसी चरण के चुनाव में दांव पर लगी हैं। इतना ही नहीं, भाजपा के अधिकतर बड़े चेहरे के भाग्य का फैसला यह चरण करेगा।

पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान 6 नवम्बर को होगा। राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की सीटों पर भी इस चरण में ही चुनाव है। 11 मंत्रियों के अलावा पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव की भी इसमें कड़ी परीक्षा है। वह दानापुर से पार्टी के उम्मीदवार हैं।
इन दिग्गजों के चुनाव परिणाम सीटों की संख्या से लिहाज से तो खास होंगे ही, साथ ही मीडिया की सुर्खियां भी बनेंगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पिता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी छह बार और उनकी मां पार्वती देवी एक बार इस सीट से चुनाव जीत चुकी हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा लखीसराय से चुनाव मैदान में हैं। वह, यहां से चार बार के विधायक रहे हैं।
वहीं, सीवान से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, बांकीपुर से पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, दरभंगा से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी, जाले से नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश मिश्र, कुढ़नी से पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, साहेबगंज से पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह, अमनौर से सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू, बिहारशरीफ से पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सुनील कुमार, बछवाड़ा से खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ताल ठोक रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पहली बार विस का चुनाव लड़ रहे हैं।





