बिहार में 14-15 अप्रैल से भाजपा का मुख्यमंत्री! शपथ के लिए गांधी मैदान खाली रखने कहा गया

Apr 10, 2026 11:04 am ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Bihar BJP CM New Cabinet Oath: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली जाते ही बिहार में एनडीए सरकार का मुखिया बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा के पहले सीएम के नेतृत्व में 14 या 15 अप्रैल को नई कैबिनेट शपथ ले सकती है।

बिहार में 14-15 अप्रैल से भाजपा का मुख्यमंत्री! शपथ के लिए गांधी मैदान खाली रखने कहा गया

Bihar BJP CM New Cabinet Oath: बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का मुखिया बदलने की प्रक्रिया गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली पहुंचने के साथ तेज हो गई है। नीतीश शुक्रवार को पहली बार राज्यसभा सांसद की शपथ लेंगे। शुक्रवार को ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप की दिल्ली में बैठक बुला ली है। इसमें भाजपा के सीएम के नाम पर सहमति बनाई जा सकती है। पटना में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पदाधिकारियों को गांधी मैदान खाली रखने कह दिया गया है। लंबे इंतजार के बाद भाजपा के लिए बिहार में ऐतिहासिक घड़ी आई है, जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं के पटना पहुंचने की संभावना है।

नीतीश के नेतृत्व में दो दशक से बिहार की सत्ता में हिस्सेदार भाजपा को पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिल रहा है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कद्दावर नेता और सीनियर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पार्टी की तरफ से पहली बार कहा था कि सरकार का नेतृत्व आगे बीजेपी करेगी।

बीजेपी बिहार में सरकार की कमान किसके हाथ में देती है, इसका फैसला भाजपा संसदीय बोर्ड करेगा, जिसमें पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी बैठेंगे। विधायक दल के नेता का औपचारिक चुनाव कराने के लिए पार्टी किसे पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजती है और उनकी जेब से किसके नाम की पर्ची निकलती है, इस पर भी सबकी नजर है।

भाजपा में सीएम चुनने के जो हालिया उदाहरण हैं, उससे बिहार में सीएम पद के बड़े-बड़े दावेदार बेचैन हैं। जिनका नाम कोई चर्चा तक में नहीं ले रहा, वो भी सरप्राइज के लिए पूजा-पाठ में लगे हैं। इतनी अनिश्चितता सिर्फ भाजपा में ही संभव है कि कौन बनेगा, बनने वाले को भी इसका अनुमान ना हो। बिहार में भाजपा के 89 विधायक और 22 विधान पार्षद हैं। मुख्यमंत्री एमएलए या एमएलसी से ही बनेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। सांसद भी सीएम बनाए सकते हैं। कोई ऐसा भी बन सकता है, जो इस समय किसी पद पर ही ना हो।

जिनके नाम दौड़ रहे हैं, उनमें सम्राट चौधरी या नित्यानंद राय को देवेंद्र फडणवीस या हिमंता बिस्वा सरमा वाले मॉडल में अपना सुनहरा भविष्य दिख रहा होगा। बाकी नेता मोहन यादव, विष्णुदेव साय, नायब सिंह सैनी, मोहन चरण मांझी और रेखा गुप्ता की तरह पर्यवेक्षक की पर्ची से नाम निकलने की प्रार्थना कर रहे होंगे।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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