
बीजेपी की रेणु के छक्के को रोकने के लिए मजबूत फील्डर दे रहे चुनौती, बेतिया में दिलचस्प मुकाबला
Bihar Chunav: वर्ष 2000 में रेणु देवी पहली बार भाजपा के टिकट पर बेतिया से जीतकर विधायक बनीं। तब से 2010 तक लगातार चार बार चुनाव जीतीं, लेकिन 2015 में कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। उस समय जदयू महागठबंधन के साथ था।
दुर्गा वाहिनी से राजनीतिक कॅरियर शुरू कर भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष, प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रास्ते उप मुख्यमंत्री तक का सफर तय करनेवाली रेणु देवी बेतिया से छठी बार चुनाव मैदान में हैं। निवर्तमान पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी संगठन और प्रशासन दोनों में मजबूत पकड़ रखती हैं।

भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं रेणु का मुकाबला इस बार कांग्रेस के वसी अहमद, निर्दलीय रोहित सिकारिया व जन सुराज के अनिल कुमार सिंह से है। रोहित सिकारिया शहर की मेयर गरिमा देवी के पति हैं। गरिमा बिहार में सबसे ज्यादा वोटों से चुनकर मेयर बनी थीं। रेणु देवी के छक्के को रोकने के लिए मजबूत फील्डरों की चुनौती है। सियासी बिसात पर चाल चलने में माहिर रेणु इससे कैसे निपटती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
वर्ष 2000 में रेणु देवी पहली बार भाजपा के टिकट पर बेतिया से जीतकर विधायक बनीं। तब से 2010 तक लगातार चार बार चुनाव जीतीं, लेकिन 2015 में कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। उस समय जदयू महागठबंधन के साथ था। 2020 में उन्होंने वापसी की और कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी को हराकर हिसाब बराबर किया। इस बार भी रेणु देवी को भाजपा के कोर वोटरों समेत अति पिछड़े वोटों पर भरोसा है।
इधर, कांग्रेस ने इस बार मदन मोहन तिवारी का टिकट काटकर वसी अहमद पर भरोसा जताया है। महागठबंधन के परंपरागत वोट व एंटी इनकमबेंसी के जरिये लड़ाई रोचक होने का दावा किया जा रहा है। वहीं मेयर के पार्षद पति रोहित सिकारिया ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। वे त्रिकोणीय लड़ाई होने का दावा करते हैं। जन सुराज के अनिल कुमार सिंह को प्रशांत किशोर और बदलाव के लिए वोट पड़ने की उम्मीद है।
बेतिया से सटे चनपटिया के कुड़िया कोठी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा प्रस्तावित है। सभा के बाद चुनावी फिजां क्या होगी, इस पर सबकी नजरें हैं। महागठबंधन की ओर से भी बड़े नेताओं की सभा तय मानी जा रही है। जन सुराज के प्रशांत किशोर यहां रोड शो कर चुके हैं।
रेणु देवी का सियासी सफर…
● 1988 : दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजक के रूप में राजनीति में कदम रखा
● 1989 : भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष व 1990 में तिरहुत की प्रभारी बनीं
● 1991 : प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री व 1993 में अध्यक्ष बनीं
● 2000 : पहली बार भाजपा के टिकट पर बेतिया विधानसभा सीट से विधायक बनीं
● 2005 : फरवरी व अक्टूबर के साथ 2010 व 2020 में भी विधानसभा चुनाव जीतीं
● 2007 : कला संस्कृति एवं युवा मंत्री बनीं
● 2015 : कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी से चुनाव हार गईं
● 2020 : राज्य की 7वीं व पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनीं
● 2021 : आपदा प्रबंधन विभाग का प्रभार भी मिला
● 2024 : पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री बनीं
● अमित शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समय भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं





