
भाजपा ने नंद किशोर यादव, अमरेंद्र प्रताप का टिकट काटा; रामकृपाल को दानापुर से लड़ाया
संक्षेप: बिहार चुनाव में भाजपा ने स्पीकर नंद किशोर यादव और पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह का टिकट काट दिया है। वहीं, लोकसभा चुनाव हारे रामकृपाल यादव को दानापुर विधानसभा सीट से टिकट दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की 71 उम्मीदवारों की पहली कैंडिडेट लिस्ट में कुछ प्रमुख नेताओं का टिकट काटा गया है। बिहार विधानसभा के स्पीकर एवं पटना साहिब से 7 बार के विधायक नंदकिशोर यादव का भाजपा ने टिकट काट दिया है। वहीं, पार्टी ने लोकसभा चुनाव हारे रामकृपाल यादव को दानापुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। आरा से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह का भी टिकट कटा है।

नंद किशोर यादव लगातार 7 बार के भाजपा विधायक हैं। 1995 से 2005 तक वे पटना पूर्व विधानसभा सीट से लगातार जीते। फिर परिसीमन के बाद यह सीट पटना साहिब बन गई तो वहां भी लगातार भाजपा का परचम लहराते रहे। अब भाजपा ने पटना साहिब सीट से रत्नेश कुशवाहा पर दाव लगाया है।
इसी तरह, आरा विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह का टिकट काटा गया है। भाजपा ने इस सीट से संजय सिंह टाइगर को उम्मीदवार बनाया है। अमरेंद्र प्रताप सिंह का भी आरा पर दबदबा रहा। वे कुल पांच बार इस सीट से विधायक रहे। 2000 से 2010 के बीच वे लगातार भाजपा के टिकट पर आरा से चुनाव जीते। 2015 में आरजेडी के मोहम्मद नवाज आलम से हार गए। फिर 2020 में माले को हराकर दोबारा इस सीट पर भाजपा का परचम लहराया था। अब आरा से भाजपा ने नए चेहरे पर दाव खेला है।
पटना जिले की दानापुर विधानसभा सीट से भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर 2020 में आरजेडी के रीतलाल यादव की जीत हुई थी। रीतलाल ने भाजपा की 4 बार की विधायक रहीं आशा देवी सिन्हा को हराया था। अब भाजपा ने रामकृपाल पर दाव लगाया है। रामकृपाल यादव 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने उन्हें पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से मात दी थी।





