
विश्व मृदा दिवस: मिट्टी की सेहत रखेंगे ठीक तो उपज मिलेगी अधिक
विश्व मृदा दिवस पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे गए और उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मिट्टी की सेहत बनाए रखने से उपज बढ़ेगी। इस अवसर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिसमें करीब तीन हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए।
विश्व मृदा दिवस: मिट्टी की सेहत रखेंगे ठीक तो उपज मिलेगी अधिक खेतों में संतुलित मात्रा में ही करें उर्वरकों का प्रयोग, फसल अवशेष में आग न लगाएं जिला व प्रखंडों में शिविर लगा किसानों को किया जागरूक, बांटे गये मृदा स्वास्थ्य कार्ड फोटो कृषि : जिला मिट्टी जांच केंद्र में शुक्रवार को केक काटकर विश्व मृदा दिवस मनाते डीएओ नितेश कुमार व अन्य पदाधिकारी। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन न करने के कारण मिट्टी के मिट्टी की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे हैं। मिट्टी का स्वास्थ्य ठीक रखेंगे तो लम्बे समय तक उपज अधिक मिलेगी।

अन्नदाता उर्वरकों का उपयोग करें। लेकिन, अनुशंसित मात्रा का ध्यान जरूर रखें। मृदा स्वास्थ्य कार्ड इसमें काफी मदद करता है। यह सलाह डीएओ नितेश कुमार ने शुक्रवार को किसानों को दी है। विश्व मृदा दिवस के मौके पर जिला मिट्टी जांच केंद्र में केक काटा गया। साथ ही जिला कृषि कार्यालय के आत्मा सभागार के साथ ही जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों के ई-किसान भवनों में विशेष जागरूकता शिविर लगाये गये। इस दौरान खेती-बाड़ी की जानकारी के साथ ही करीब तीन हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी मुहैया कराया गया। आत्मा सभागार में लगाये गये शिविर में पहुंचे धरती पुत्रों को जागरूक करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि मिट्टी की की रक्षा में ही हमारी सुरक्षा है। संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी के पोषक तत्व सुरक्षति रहते हैं और उर्वरा शक्ति बनी रहती है। मौके पर जिला मिट्टी जांच केंद्र के प्रभारी दुर्गा रंजन, कृषि यांत्रिकरण के उपनिदेशक अभिमन्यु कुमार, उद्यान के सहायक निदेशक राकेश कुमार, पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक संतोष कुमार, आत्मा के उप परियोजना निदेशक भानू प्रकाश, पुरुषोत्तम कुमार सिंह व अन्य मौजूद थे। इसबार 11236 कार्ड बनाने का है लक्ष्य : मिट्टी के नमूने ले लिये गये हैं। इसबार मार्च तक जिले 11,236 मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाये जाने हैं। अबतक 72 हजार कार्ड जारी कर दिये गये हैं। इनमें करीब 42 कार्ड पहले बांटे गये थे। जबकि, विश्व मृदा दिवस के मौके पर तीन हजार कार्ड किसानों को मुहैया कराये गये। कार्ड में मिट्टी की संरचना, पोषक तत्वों की कमी के साथ ही अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड का उद्देश्य क्या : 1. मुदा स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना। 2. मिट्टी में आवश्यकता आधारित पोषक तत्वों की अनुशंसा। 3. मिट्टी का बेहतर प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता। 4. फसल की पैदावार बढ़ाना और गुणवत्ता में सुधार। बॉक्स समय-समय पर खेत की मिट्टी की जांच जरूर कराएं नूरसराय के 388 किसानों के बीच बांटे गये मृदा स्वास्थ्य कार्ड फोटो - 5 नूरसराय 02 - नूरसराय के ई किसान भवन में शुक्रवार को किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देते बीएओ रामदेव पासवान व अन्य। नूरसराय, निज प्रतिनिधि। प्रखंड के ई किसान भवन में शिविर लगाकर 388 किसानों के बीच बीएओ रामदेव पासवान ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया। साथ ही उन्होंने कहा कि असंतुलित मात्रा में उर्वरकों के इस्तेमाल से आज मिट्टी की हालत बद से बदतर होती जा रही है। मृदा स्वास्थ्य एक ऐसी अवधारणा है, जिसमें मृदा के सभी पहलुओं यानी भौतिक संरचना, रासायनिक घटकों और जैविक जीवन पर एक साथ विचार किया जाता है। समय-समय पर किसान अपने खेत की मिट्टी को जांच जरूर कराएं। ताकि,पोषक तत्वों की कमी का पता चल सके। सहायक तकनीकी प्रबंधक अनुप्रिया रानी ने खेतों में फसल अवशेष को न जलाने की सलाह दी। पराली जलाने से हमारे स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति खराब बिगड़ जाती है।मौके पर संजीव कुमार, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार,महेश प्रसाद, उदय मांझी, चंद्रमोहन कुमार, राजीव कुमार, अरविंद प्रसाद, सूरज कुमार आदि मौजूद थे।

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