हर घर नल योजना बनी आफत, 20 एकड़ में सालों से जलजमाव

हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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पावापुरी में हर घर नल योजना के कारण किसानों को जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 20 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर पानी जमा रहने से खेती प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों ने सोख्ता निर्माण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की मांग की है। जलजमाव से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

हर घर नल योजना बनी आफत, 20 एकड़ में सालों से जलजमाव

पावापुरी : हर घर नल योजना बनी आफत, 20 एकड़ में सालों से जलजमाव पानी की निकासी नहीं होने से किसान नहीं कर पा रहे खेती फोटो: पावापुरी खेत: पावापुरी बाजार के पास खेत में भरा हर घर नल योजना का पानी। पावापुरी, निज संवाददाता। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल योजना पावापुरी क्षेत्र के दर्जनों किसानों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है।

जलजमाव की समस्या

नल से निकल रहे पानी से लगातार हो रहे जलजमाव के कारण लगभग 20 एकड़ से अधिक कृषि भूमि में सालोंभर पानी भरा रहता है। इससे किसान फसल की खेती नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसानों ने हिम्मत कर खेती की भी, लेकिन अत्यधिक पानी जमा रहने से उनकी फसल बर्बाद हो गई। स्थानीय किसानों ने कहा कि हर घर नल योजना के तहत घरों तक पानी पहुंचाना सराहनीय कदम है। लेकिन, योजना के सही क्रियान्वयन के अभाव में खेतों में पानी भर रहा है। कई घरों में लोग नल खुला छोड़ देते हैं, जिससे पानी लगातार बहता रहता है और आसपास के खेतों में जलजमाव हो जाता है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

किसानों की समस्याएँ

किसानों ने बताया कि जलजमाव के कारण खेती योग्य जमीन धीरे-धीरे अनुपयोगी होती जा रही है। इसके बावजूद प्रभावित किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिल रहा है। किसान दीपक कुमार, रविरंजन, अजय सिंह, सनुग्रह सिंह व अन्य ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।

सोख्ता निर्माण की मांग

स्थानीय लोगों ने हर घर नल योजना के साथ सोख्ता निर्माण को अनिवार्य करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रत्येक घर के पास सोख्ता बनाया जाए, तो पानी का संरक्षण भी होगा और खेतों में जलजमाव की समस्या से भी राहत मिलेगी। इससे भूजल स्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

संक्रामक बीमारी का खतरा

क्षेत्र में लंबे समय से जमा पानी के कारण मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ने लगा है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द निकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। नगर पंचायत बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि ऐसी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने आरोप लगाया कि चार वर्षों से होल्डिंग टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि सुविधाएं केवल सफाई तक सीमित हैं।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर

ग्रामीणों ने हर घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे बारिश के पानी का संरक्षण होगा और जलजमाव की समस्या कम होगी। लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की भी जरूरत बतायी। इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि जलजमाव की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि समस्या से विभाग को अवगत कराया जाएगा तथा स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। (पावापुरी से अनिल उपाध्याय)

सामान्य प्रश्न

पावापुरी में जलजमाव की समस्या कब से है?
पावापुरी में जलजमाव की समस्या सालों से बनी हुई है।
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