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अभिकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं की करें सही पहचान

अभिकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं की करें सही पहचान

संक्षेप:

बिहारशरीफ में चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए मतदानकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। मॉक पोल के माध्यम से ईवीएम की जांच करने और मतदान के दिन सही पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सेक्टर...

Oct 21, 2025 09:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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अभिकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं की करें सही पहचान समय पर मॉक पोल के बाद मतदान कराएं शुरू ईवीएम में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत सेक्टर मजिस्ट्रेट को दें सूचना टाउन हॉल में सेक्टर मजिस्ट्रेट व पीओ को दिया गया प्रशिक्षण मतदान के दिन की सारी गतिविधियों की दी गयी जानकारी फोटो : टाउन हॉल : टाउन हॉल में मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल मतदानकर्मी। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। किसी भी चुनाव में आपसभी मतदानकर्मियों की काफी अहम भूमिका होती है। मतदान कराने से लेकर मतगणना तक आप इसमें लगे रहते हैं। निष्पक्ष और भयरहित चुनाव के लिए इस बार हर स्तर पर तैयारी की गयी है।

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लेकिन, चुनाव के दिन बूथों पर भी सतर्कता व सावधानी बरतनी होगी। अभिकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं की सही पहचान करें। ताकि, हर कोई अपना मतदान कर सके। समय पर मॉक पोल कर ईवीएम मशीन की सभी यूनिट की सही से जांच कर समय पर मतदान शुरू कराएं। ईवीएम में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत सेक्टर मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दें। टाउन हॉल में मंगलवार को राज्य मास्टर प्रशिक्षक धर्मेंद्र प्रसाद व मास्टर ट्रेनर सुनील कुमर ने सेक्टर मजिस्ट्रेट और पीठासीन पदाधिकारियों (पीओ) को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम दरअसल तीन यूनिट का एक समूह है। बीयू यानि बैलेट यूनिट, वीवीपैट यानि वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल और सीयू यानि कंट्रोल यूनिट सही तरीके से एक दुसरे से जुड़े होने चाहिए। जब मशीन सही तरीके से काम करेगा तभी सीयू पर रेडी टू यूज का संदेश दिखेगा। अगर यह संदेश नहीं आ रहा हो, तो तुंरत वरीय अधिकारियों को सूचित करें। आवश्यकता के अनुसार मशीन की तत्काल व्यवस्था की जाएगी। कम से कम 50 मॉक पोल हर बटन की कर लें जांच : चुनाव के दौरान सभी मशीनों पर बटन का किसी न किसी तरह से उपयोग किया जाता है। मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 मॉक पोल कर सभी बटन की पूरी तरह से जांच कर लें। यह सारी प्रक्रिया विभिन्न दलों के अभिकर्ताओं के सामने पूरा करें। ताकि, मशीन को लेकर कोई भ्रांति न रहे। इस मशीन से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना नामुमकिन है। ऐसे में इसकी पूरी विश्वसनियता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संजय कुमार, मनोज सिंह, अबधेश प्रसाद व अन्य मौजूद थे।