हसनपुर गांव के लोगों को आज भी है पक्की सड़क का इंतजार
हसनपुर गांव के 450 लोगों को आज भी पक्की सड़क का इंतजार है। कच्चा रास्ता बरसात में दलदल बन जाता है, जिससे आवाजाही में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

हसनपुर गांव के लोगों को आज भी है पक्की सड़क का इंतजार 450 की आबादी वाले गांव में कच्चा रास्ता, बरसात में बन जाता है दलदल हिलसा प्रखंड में दो पंचायतों की सीमा पर बसा है छोटा सा गांव फोटो : हिलसा रोड : हिलसा प्रखंड के मड़वा-हसनपुर मार्ग का हाल। हिलसा, निज प्रतिनिधि। प्रखंड की कोरावां पंचायत का हसनपुर गांव। यहां की आबादी 450 है। गांव के लोगों को आज भी पक्की सड़क का इंतजार है। चुनाव में दावे और वादे तो कई मिले, सड़क नहीं मिली। आज भी कच्चे रास्ते से ही गांव जाना पड़ता है। बारिश के बाद यह रास्ता दलदल में बदल जाता है। इससे गुजरना नामुमकिन हो जाता है। मड़वा गांव के बलदेव मोड़ से हसनपुर जाने का मुख्य रास्ता है। यह कच्चा है। बारिश में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से यह रास्ता बंद हो जाता है। पूरब और पश्चिम दोनों दिशाओं से आवागमन बाधित हो जाता है।
ग्रामीणों की समस्याएं
ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव कोरावां और चिकसौरा पंचायतों की सीमा पर है। इस वजह से यह जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता से बाहर है। ग्रामीण मिट्ठू मांझी, रामेश्वर मांझी, तपेश्वर मांझी, रंजीत कुमार, अमोल कुमार, अंजनी कुमार, कृष्णदेव प्रसाद, धर्मवीर कुमार आदि ने बताया कि बलदेव मोड़ से हसनपुर होते हुए मुख्य सड़क तक पक्की सड़क का निर्माण हो जाए तो हसनपुर, कोनियापर, हरवंशपुर, कोरावां, चहमहद्दीपुर सहित आधा दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी चिकसौरा बाजार से आने-जाने के लिए लोगों को चन्द्र बिगहा और बास बिगहा होकर करीब साढ़े चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सड़क बनने से समय, श्रम और खर्च तीनों की बचत होगी। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए कई बार आंदोलन और प्रदर्शन भी किया है। जनसुनवाई से लेकर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों तक अपनी समस्या पहुंचाई गई। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क बनवाने की मांग की है। (हिलसा से मनीष कुमार)
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