Biharsharif News: परेशानी : पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 45 दिनों से अल्ट्रासाउंड ठप, मरीज परेशान
Biharsharif News: पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन 45 दिनों से खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ा है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से तुंरत सुधार की मांग की है।

Biharsharif News: परेशानी : पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 45 दिनों से अल्ट्रासाउंड ठप, मरीज परेशान स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावे पर उठ रहे सवाल कब तक शुरू होगी सेवा, कुछ अता पता नहीं, मरीजों को इंतजार फोटो : पावापुरी अल्ट्रासाउंड : पावापुरी मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड रूम के दरवाजे में लटका ताला। पावापुरी, निज संवाददाता। भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (बीमिम्स) यानि पावापुरी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन 45 दिनों से खराब पड़ी है। इससे अस्पताल में जांच कराने पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जांच के लिए निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं यह सेवा कब तक शुरू होगी, कुछ अता पता नहीं है। कई मरीजों को इसके शुरू होने का अब भी इंतजार है।
मरीजों की समस्या
अस्पताल में प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सरकारी अस्पताल होने के कारण आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को यहां कम खर्च में बेहतर इलाज और जांच की उम्मीद रहती है। लेकिन, अल्ट्रासाउंड सेवा लंबे समय से बाधित रहने के कारण मरीजों को अस्पताल से बाहर जाकर जांच करानी पड़ रही है। निजी केंद्रों पर जांच कराने की मजबूरी : मरीजों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के कारण अस्पताल में जांच नहीं हो पाती। ऐसे में मरीजों को निजी जांच केंद्रों की ओर जाना पड़ता है। कई मरीजों के लिए बार-बार बाहर जांच कराना आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है। नवादा से इलाज कराने आयी मरीज संगीता कुमारी के परिजन महेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में इलाज के लिए आने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने को कहा गया। मशीन खराब होने की जानकारी मिलने पर बाहर जांच कराना पड़ा। इसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी हुई। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावे साबित हो रहे खोखले : स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की लगातार बात कही जा रही है। बीमिम्स पावापुरी में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई काम हुए हैं। इसके बावजूद महत्वपूर्ण जांच सेवा का इतने लंबे समय तक बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
मरीजों का कहना है कि महंगी मशीन खरीदने के बाद उसकी नियमित देखभाल और खराबी आने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था भी जरूरी है। मशीन खराब होने के कारण मरीजों को बाहर भेजना सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के उद्देश्य को कमजोर करता है। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि खराब मशीन की तत्काल मरम्मत कराकर अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराई जाए। यदि मशीन की मरम्मत संभव नहीं है तो वैकल्पिक व्यवस्था कर मरीजों की जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जकी अनवर जमां ने बताया कि इस समस्या से विभाग को अवगत कराया गया है। इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने का प्रयास किया जा रहा है। (पावापुरी से अनिल उपाध्याय)


