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जाम के जंजाल से हांफ रहा हरनौत बाजार, नगर पंचायत प्रशासन मौन

जाम के जंजाल से हांफ रहा हरनौत बाजार, नगर पंचायत प्रशासन मौन

संक्षेप:

हरनौत बाजार में जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। रांची रोड पर विश्वकर्मा मोड़ से चंडी मोड़ तक दिनभर जाम लगा रहता है, जिससे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। ई-रिक्शा और ठेले वालों के अतिक्रमण के कारण आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन इस स्थिति पर मौन है।

Dec 01, 2025 11:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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जाम के जंजाल से हांफ रहा हरनौत बाजार, नगर पंचायत प्रशासन मौन हरनौत रांची रोड में विश्वकर्मा मोड़ से चंडी मोड़ तक दिनभर लगा रहता है जाम दुकानदारों ने कहा बिक्री चौपट, कारोबार हो रहा प्रभावित दुकानों के आगे बना रहता है ई-रिक्शा स्टैंड, लोगों को होती है परेशानी फोटो : हरनौत जाम : हरनौत बाजार में लगा जाम। हरनौत, निज संवाददाता। अतिक्रमण, जाम और शोर शराबा यही हरनौत बाजार की पहचान बन चुकी है। आठ बजते ही रोजाना हरनौत बाजार से गुजरने वाली मुख्य सड़क रांची रोड का यही हाल रहता है। इस कारण जाम के जंजाल से इन दिनों हरनौत बाजार हांफ रहा है।

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सब कुछ जानते हुए भी जिला व नगर पंचायत प्रशासन मौन साधे हुए है। रांची रोड में विश्वकर्मा मोड़ से चंडी मोड़ तक दिनभर जाम लगा रहता है। आस पास के दुकानदारों को कहना है कि इससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बिक्री चौपट हो रही है। हद तो यह कि पूरे बाजार में रांची रोड के दोनों तरफ ई-रिक्शा स्टैंड बना रहता है। जबकि, क्रॉसिंग वाले स्थान पर बाइक लगायी जाती है। अवैध रूप से खड़े ई-रिक्शा और सड़क किनारे ठेले वालों के स्थायी अतिक्रमण ने इस अति-व्यस्त मुख्य मार्ग को आम जनता के लिए नरक बना दिया है। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत और जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण यहां नियमित रूप से पुलिस या प्रशासनिक टीम की गैर-मौजूदगी के कारण स्थिति बेकाबू हो चुकी है। शाम में गोनावां मोड़ के पास पुलिस तो रहती है, बावजूद जाम की स्थिति बनी रहती है। एंबुलेंस की आवाजाही पर संकट : सबसे बड़ी परेशानी आवाजाही को लेकर है। मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क से जहां सामान्य यात्री बसें गुजरती हैं, वहीं अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस भी अक्सर लंबे जाम में फंसी रहती है। ई-रिक्शा और ठेले वालों के मनमाने जमावड़े के कारण वाहनों को हॉर्न बजाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे क्षेत्र में हर समय ध्वनि प्रदूषण चरम पर रहता है। बाजार के दुकानदारों में आक्रोश : किराए की दुकान चला रहे स्थानीय व्यवसायी प्रमोद कुमार, पंकज कुमार, अविनाश कुमार व अन्य ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा हमारी दुकानों के ठीक आगे ठेले और टोटो का अवैध अड्डा बना रहता है। इससे ग्राहक हमारी दुकान तक पहुंच ही नहीं पाते। जो पहुंचते हैं, वे अपनी बाइक या अन्य वाहनों तक सामान को नहीं ले जा पाते हैं। इसका सीधा असर हमारी बिक्री पर पड़ता है। ठेले वालों को वहां से हटाने पर वे लड़ाई करने लगते हैं। इस कारण अक्सर ग्राहकों व यात्रियों से तूतू-मैंमैं होती रहती है। विडंबना यह है कि यह समस्या कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि एक स्थायी मुसीबत बन चुकी है। लाखों रुपए टैक्स वसूलने वाली नगर पंचायत और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाले प्रशासन के लिए यह सीधी चुनौती है। इस संबंध में उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जल्द ही इसके लिए अधिकारियों के साथ मंत्रणा कर रणनीति तय की जाएगी। सड़क पर इस तरह से बाजार सजाना गलत ही नहीं खतरनाक है। इससे अनहोनी हो सकती है। इसलिए ई-रिक्शा चालकों व अन्य दुकानदारों को भी सोचना चाहिए। उन्हें मुख्य सड़क छोड़कर अपना कारोबार करना चाहिए।