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पेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानी

पेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानी

संक्षेप:

पेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानीपेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानीपेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानीपेयजल...

Nov 16, 2025 10:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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पेयजल के लिए पर्यटकों को मजबूरन खरीदने पड़ रहे महंगे बोतलबंद पानी शरद ऋतु की दस्तक के साथ गर्म जलकुंडों और पहाड़ों पर उमड़ी देसी-विदेशी सैलानियों की भीड़ स्वर्ण भंडार, मनियार मठ और बिंबिसार कारागार जैसे प्रमुख स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव फोटो: सैलानी: राजगीर में रविवार को पर्यटकों का समूह भ्रमण के दौरान प्रार्थना करते हुए। राजगीर, निज संवाददाता। शरद ऋतु की दस्तक के साथ ही राजगीर के पर्यटन स्थल एक बार फिर सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। लेकिन, इस बढ़ती रौनक के बीच एक बड़ी अव्यवस्था पर्यटकों का मजा किरकिरा कर रही है। राजगीर के विश्व-प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों पर पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।

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जिससे पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्वर्ण भंडार, मनियार मठ, रथ चक्र और बिंबिसार का कारागार जैसे प्रमुख स्थलों पर हो रही है। इन स्थानों पर सालों भर भारी संख्या में पर्यटक पहुँचते हैं। लेकिन, यहाँ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नतीजतन, पर्यटकों को साधारण पानी तक के लिए महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई पर्यटकों का कहना है कि उनका रोमांचक सफर अक्सर शुद्ध पेयजल की तलाश में ही खत्म हो जाता है। जो उनके पर्यटन अनुभव को खराब कर रहा है। यह समस्या तब है जब राजगीर के सुप्रसिद्ध गर्म जलकुंडों, पहाड़ों और ऐतिहासिक धरोहरों पर पर्यटकों की चहल-पहल साफ नजर आ रही है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था किए जाने से पर्यटक, जिनमें विदेशी सैलानी भी शामिल हैं, बेखौफ होकर घूम रहे हैं। पर्वत पथ से लेकर सड़कों तक पर्यटकों की भीड़ है। लेकिन, ऐतिहासिक महत्व के इन स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की यह कमी पर्यटन को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़ा करती है।