ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहार बिहारशरीफटूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसा

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसा

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसाटूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसाटूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन...

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसा
default image
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफWed, 12 Jun 2024 10:00 PM
ऐप पर पढ़ें

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : अगस्त तक कैसे पूरा होगा काम, जमीन का पेच है फंसा
विवादित स्थानों को छोड़ शेष जगह कच्चा और पक्का काम हो चुका है पूरा

19.43 किमी के निर्माण पर 265 करोड़ रुपये खर्च करने की है योजना

पटना की दूरी 108.43 से घटकर महज रह जाएगी 77 किमी

फोटो :

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर : निर्माणाधीन करौटा-सालेपुर रोड।

बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता।

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर यानि पटना से राजगीर का सबसे शार्टेस्ट रोड। इसके बद जाने से पटना से राजगीर की कुल दूरी 108.43 किलोमीटर से घटकर महज 77 किलोमीटर रह जाएगी। लेकिन, इसके पहले चरण के तहत बनाये जा रहे करौटा-सालेपुर टू-लेन का निर्माण पूरा कराने में जमीन का पेच रोड़ा अटका रहा है। कई तिथियां बढ़ाने के बाद अगस्त 2024 में निर्माण एजेंसी को काम पूरा करके सड़क जनता के हवाले की जानी है। लेकिन, यह संभव नहीं दिख रहा है। 19.43 किलोमीटर लंबे इस पथ के निर्माण पर 265 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

करीब 95 फीसदी कच्चा व पक्का काम पूरा कर लिया गया है। लेकिन, एलाइनमेंट का खाका पूरा करने के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण नहीं किये जाने के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। सभी पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कालीकरण का काम भी पूरा है। बस, उन स्थानों पर काम शेष रह गया है, जहां जमीन का पेच फंसा है।

इन स्थानों पर जमीन का पेच :

सालेपुर मोड़ के पास ली गयी जमीन के बदले उसके मालिक को मुआवजा नहीं दिया जा सका है। कचरा पुल के पास भी जमीन का लफड़ा लगा हुआ है। तेलमर में 60 मीटर के अलावा कई अन्य स्थानों पर जमीन का मुआवजा सर्वे के पेच में फंसा है। हालांकि, डीएम शशांक शुभंकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेलमर में कैम्प लगाकर मामले को सुलझाने का भरसक प्रयास किया। उन्होंने बताया कि काफी हद तक मामले को सुलझा लिया गया है। जिला प्रशासन अपना काम पूरा करके पत्र सरकार को भेज दिया है। इसी तरह, तेलमर से करौटा के बीच घी 700 मीटर सड़क के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सका है।

10 मीटर चौड़ी सड़क :

टू-लेन बनने वाली इस सड़क की चौड़ाई 10 मीटर रखी गयी है। इसके अलावा कालीकरण के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर फ्लैंक होगा। इसके बीच नरसंडा में फ्लाईओवर बनाया गया है। विवादित स्थानों को छोड़ दिये जाएं, तो अन्य स्थानों पर तकरीबन सारे कार्य पूरे हो चुके हैं। इस पहले खंड पटना-बख्तियारपुर (एनएच-31) के जगदंबा स्थान (करौटा) से सालेपुर तक की सड़क का निर्माण वर्ष 2021 से शुरू किया गया है। वर्ष 2023 में पूरा करने का लक्ष्य था। इसके बाद इस तिथियां तय की गयीं, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं किया जा सका है। अब इसे फोरलेन बनाने की भी योजना है। इसके लिए बख्तियारपुर के अलावा चंडी व हरनौत अंचलों के गांवों से करीब 75 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है।

31 किमी घटेगी दूरी :

वर्तमान में पटना से बख्तियारपुर, हरनौत, बिहारशरीफ होते हुए राजगीर की दूरी 108.43 किलोमीटर है। जबकि, टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर बन जाने से यह दूरी 31 किलोमीटर घट जाएगी। पटना से करौटा की दूरी 30 किमी, करौटा से तेलमर, सोराडीह, नरसंडा, कचरा, भेड़िया, उतरा होते हुए सालेपुर की दूरी 19.43 तो सालेपुर से राजगीर की ग्रीनफील्ड दूरी 28 किलोमीटर रह जाएगी।

बुद्ध सर्किट का होगा हिस्सा :

टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर को बुद्ध सर्किट का हिस्सा बनाया जाना है। यह सर्किट कुशीनगर से वैशाली, करौटा, तेलमर, सालेपुर, सिलाव, नानंद, नालंदा, राजगीर, गया, सारनाथ होते हुए फिर से सारनाथ में मिल जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसके फोरलेन बनने के बाद सड़क को जापान सरकार अपने अधीन ले लेगी। और, िसके बिहार का पहला रबर रोड बनवाएगी।

अधिकारी बोले :

तेलमर की जमीन के अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को दूर करने का सफल प्रयास पूरा कर लिया गया है। शीघ्र ही वहां की अधिग्रहित जमीन के बदले मुआवजा दे दिया जाएगा।

शशांक शुभंकर, डीएम

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।