
सातों विधानसभा का ईवीएम-वीवीपैट स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
बिहार में 6 नवंबर को मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारी अंतिम चरण में है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम और वीवीपैट को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है। स्ट्रॉन्ग रूम 24 घंटे सुरक्षा घेरे में रहेगा और मतदान कर्मी ईवीएम को बूथों की ओर रवाना करेंगे।
24 घंटे कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेगा स्ट्रॉन्ग रूम स्ट्रॉग रूम से सील ईवीएम लेकर बूथों की ओर रवाना होंगे कर्मी प्रशासनिक तैयारी चरम पर, 6 नवंबर को मतदान बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। मतदान की प्रशासनिक तैयारी अंतिम चरण में है। सातों विधानसभा क्षेत्रों के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम)और वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल(वीवीपैट)की जांच और सीलिंग कर स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित कर दिया गया है। सातों विधानसभा का स्ट्रॉन्ग रूम 24 घंटे कड़े सुरक्षा घेरे में रहेगा। नालंदा में छह नवंबर को मतदान होना है। स्ट्रॉन्ग रूम व उसके आस-पास के एरिया को सीसीटीवी से लैस कर दिया गया है। साथ ही जवानों की भी तैनाती कर दी गयी है।

अब मतदान के एक दिन पहले स्ट्रॉन्ग रूम को प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि की मौजूदगी में खोला जाएगा। नालंदा विधानसभा के लिए रास बिहारी हाई स्कूल में स्टॉन्ग रूम बनाया गया है। हरनौत व बिहारशरीफ विधानसभा का सोगरा हाई स्कूल, अस्थावां का पीएमएस कॉलेज, हिलसा और इस्लामपुर का हिलसा स्थित राम बाबू हाई स्कूल में स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है। इसी प्रकार राजगीर का आरडीएच स्कूल में बनाया गया है। मतदान के एक दिन पहले पांच नवंबर को मतदान कर्मी संबंधित विधानसभा के स्ट्रॉन्ग रूम से सील ईवीएम को वाहन पर रखकर बूथों की ओर रवाना होंगे। सातों विधानसभा में प्रत्याशियों की संख्या 17 से कम रहने के कारण एक ही ईवीएम की जरूरत होगी। सातों विधानसभा मिलाकर 2765 बूथ है। एड्रेस टैग व पिंक पेपर से ईवीएम सील : चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची को प्रकाशित करने व ईवीएम के द्वितीय रैण्डमाईजेशन के बाद बीयू, सीयू व वीवीपैट को मतदान केन्द्रवार कमीशन किया जाता है। इस प्रक्रिया में सुरक्षित मशीनें भी सम्मिलित होती है। यह प्रक्रिया निर्वाची पदाधिकारी के स्तर से किया जाता है। इस प्रक्रिया में वीयू में बैलेट पेपर लगाया जाता है। सीयू में कैंडिडेट सेटिंग किया जाता है। वीवीपैट में सिंबल लोड किया जाता है। साथ ही आयोग के आदेश के अनुसार एड्रेस टैग व पिंक पेपर से सील किया जाता है। संबंधित विधानसभा क्षेत्र में संबंधित निर्वाची पदाधिकारी की देख-रेख में कराया जाता है। कमीशनिंग प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों को स्वयं अथवा अपने नामित प्रतिनिधियों के माध्यम से उपस्थित होने एवं इसकी देख-रेख हेतु लिखित रूप से सूचित किया जाता है। सभी मशीनों की कमीशनिंग समाप्त होन के बाद पांच फीसदी रैण्डमली चुने गये बीयू, सीयू व वीवीपैट को कनेक्ट कर 1000 वोट डाला जाता है। ईलेक्ट्रॉनिक रिजल्ट व वीवीपैट की पर्चियों की गिनती करके सत्यापित किया जाता है। कमीशनिंग के बाद सभी ईवीएम व वीवीपैट स्ट्रॉन्ग रूम में प्रोटोकोल के साथ सुरक्षित कर दिया जाता है। मतदान के लिए ईवीएम वितरण दिवस को अभ्यर्थियों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी कराते हुए इसे खोला जाएगा। मशीनों को मतदान केन्द्र पर रवाना कर दिया जाएगा।

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