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पूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना : मोदी

पूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना : मोदीपूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना : मोदीपूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना :...

पूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना : मोदी
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हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफWed, 19 Jun 2024 10:00 PM
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पूरी दुनिया की नजर भारत पर, चाहती है कंधे से कंधा मिलाकर चलना : मोदी
भारत का मंत्र-एक सूर्य, एक दुनिया और एक ग्रिड को अन्य देश भविष्य की दिशा मान रहे हैं

बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता।

नालंदा विश्वविद्यालय के नये भवन के उद्घाटन अवसर पर बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया की दृष्टि भारत पर है, भारत के युवाओं पर है। दुनिया, बुद्ध के इस देश व मदर ऑफ डेमोक्रेसी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है। जब भारत कहता है- वन अर्थ, वन फैमिली और वन फ्यूचर- तो विश्व उसके साथ खड़ा होता है। जब भारत कहता है- वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड- तो विश्व उसे भविष्य की दिशा मानता है। जब भारत कहता है-वन अर्थ वन हेल्थ-तो विश्व उसे सम्मान देता है, स्वीकार करता है।

नालंदा की ये धरती विश्व बंधुत्व की इस भावना को नया आयाम दे सकती है। इसलिए, नालंदा के विद्यार्थियों का दायित्व और ज्यादा बड़ा है। आप भारत और पूरे विश्व का भविष्य हैं। अमृतकाल के ये 25 साल भारत के युवाओं के लिए बहुत अहम हैं। ये 25 वर्ष नालंदा विश्वविद्यालय के हर छात्र के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यहां से निकलकर आप जिस भी क्षेत्र में जाएं, आप पर अपनी यूनिवर्सिटी के मानवीय मूल्यों की मुहर दिखनी चाहिए। आपका जो लोग है, उसका संदेश हमेशा याद रखिएगा।

आप लोग इसे नालंदा-वे कहते हैं ना? व्यक्ति का व्यक्ति के साथ सामंजस्य, व्यक्ति का प्रकृति के साथ सामंजस्य, आपके लोगो का आधार है। आप अपने शिक्षकों से सीखिए। लेकिन, इसके साथ ही एक दूसरे से सीखने की भी कोशिश करिए। बी क्यूरियस, बी करेजियस और एवभ ऑल बी काइंड। अपनी नॉलेज को समाज में एक सकारात्मक बदलाव के लिए प्रयोग करिए। अपने नॉलेज से बेहतर भविष्य का निर्माण करिए। नालंदा का गौरव और हमारे भारत का गौरव आपकी सफलता से तय होगा। मुझे विश्वास है कि आपके ज्ञान से पूरी मानवता को नई दिशा मिलेगी। मुझे विश्वास है हमारे युवा आने वाले समय में पूरे विश्व को नेतृत्व देंगे। मुझे यह भी विश्वास है कि नालंदा ग्लोबल काउज का एक महत्वपूर्ण सेंटर बनेगा।

उन्होंने कहा-मेरा मिशन है, भारत की पहचान फिर से दुनिया के सबसे प्रोमिनेंट नॉलेज सेंटर के रूप में उभरे। और, इसके लिए भारत आज बहुत कम उम्र से ही अपने छात्रों को नवाचार की आत्मा से जोड़ रहा है। आज एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को अटल टिंकरिंग लैब्स में आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशन छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ा रहे हैं। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत ने एक दशक पहले स्टार्टअप इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। तब देश में कुछ सौ ही स्टार्ट-अप्स थे। लेकिन, आज भारत में 1.30 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। पहले की तुलना में आज भारत से रिकॉर्ड पेटेंट फाइल हो रहे हैं। रिसर्च पेपर पब्लिश हो रहे हैं। हमारा जोर अपने युवा नवाचारों को शोध और नवाचार के लिए ज्यादा से ज्यादा मौके देने का है। इसके लिए सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का शोध फंड बनाने की घोषणा भी की है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि भारत में दुनिया का सबसे संपूर्ण कौशल का विकास हो। भारत में दुनिया का सबसे एडवांस शोध आधारित शिक्षा प्रणाली हो। इन सारे प्रयासों के नतीजे भी दिखाई दे रहे हैं।

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