ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहार बिहारशरीफ4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट

4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट

4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट4 माह से तकनीकी खराबी के...

4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफTue, 14 May 2024 09:30 PM
ऐप पर पढ़ें

4 माह से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट
हर माह बाहर से मंगायी जा रही 400 गैस सिलेंडर

हर माह ऑक्सीन पर खर्च हो रहा 60 हजार

प्लांट नहीं बना तो हर साल भुगतान करने होंगे 7.25 लाख

फोटो :

ऑक्सीजन प्लांट : सदर अस्पताल में चार माह से खराब पड़ा ऑक्सीजन प्लांट।

बिहारशरीफ, निज संवाददाता।

सदर अस्पताल में सभी बेड तक पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ढाई हजार लीटर प्रति घंटा क्षमता वाली ऑक्सीजन प्लांट लगायी गयी थी। चार माह से तकनीकी खराबी के कारण यह बंद पड़ा है। हर माह औसतन 400 गैस सिलेंडर खरीदकर लाना पड़ रहा है। प्लांट होते हुए भी ऑक्सीजन आपूर्ति पर हर माह 60 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। जल्द इसे नहीं बनवाया गया तो, हर साल सिर्फ ऑक्सीजन पर ही सवा सात लाख से अधिक रुपए खर्च होंगे। लाखों रूपए खर्च हो रहे हैं। सॉफ्टवेयर में खराबी आने व संबंधित एजेंसी का करार खत्म होने की वजह से प्लांट काम नहीं कर रहा है।

एजेंसी से अगर एकरारनामा नहीं हो पाता है, तो जिले के अन्य ऑक्सीजन प्लांट पर भी ताला लग सकता है। क्योंकि, स्थानीय तौर पर इसे बनवाया नहीं जा सकता है। प्लांट के अधिकतर सामान बाहर से मंगवाने पड़ते हैं। कल्याणबिगहा, राजगीर, हिलसा व पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भी ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। पावापुरी को छोड़कर अन्य अस्पतालों में लगे प्लांट का भी कमोबेश यही हाल है। हाल के दिनों में कल्याणबिगहा रेफरल अस्पताल में लगी प्लांट को निरीक्षण के दौरान डीएम शशांक शुभंकर ने चालू करने को कहा था। तब भी प्लांट नहीं चालु हो सका था। तब उन्होंने इसे अवलिंब चालु करवाने का आदेश दिया था।

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने बताया कि इसकी मरम्मत कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय व विभाग को पत्र भेजा गया है। इसे बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, इस प्लांट को स्थानीय तौर पर ठीक नहीं करवाया जा सकता है। इसके लिए विभाग से संपर्क साधा गया है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।