जेल में थे शिक्षक और शिक्षा विभाग भेजता रहा वेतन

Jan 10, 2026 03:29 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
share Share
Follow Us on

एक शिक्षक, जो 22 महीनों तक जेल में रहे, अब वेतन भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हत्या के मामले में उन्हें जेल भेजा गया था, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। वेतन भुगतान में देरी से शिक्षक की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और वे रोजाना कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

जेल में थे शिक्षक और शिक्षा विभाग भेजता रहा वेतन

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : जेल में थे शिक्षक और शिक्षा विभाग भेजता रहा वेतन 22 माह बाद जेल से बाहर आने के बाद शिक्षक हुए निलंबनमुक्त तो वेतन देने में कर रहे आनाकानी शिक्षक ने कहा-हत्या के मामले में गया था जेल, दोषमुक्त होने के बाद नियमित रूप से कर रहा शैक्षणिक कार्य टीआरई-एक में पास होने के बाद जेल प्रशासन की अनुमति से पुलिस अभिरक्षा में किया था ज्वायन फोटो : जिला शिक्षा कार्यालय। बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता। अपने कारनामों के कारण नालंदा जिला शिक्षा विभाग अक्सर सुर्खियों में रहता है। इस बार 22 माह तक जेल में रहने वाले शिक्षक का वेतन भुगतान को लेकर खासे चर्चा में है।

तीन माह पहले जेल से बाहर आने के बाद निलंबनमुक्त होने पर स्कूल में नियमित रूप से शैक्षणिक कार्य करने लगे। लेकिन, शिक्षा विभाग अब वेतन देने में आनाकानी कर रहा है। परिवार को आर्थिक तंगी से उबारने के उद्देश्य से वेतन के लिए शिक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। दीपनगर थाना क्षेत्र के नबीनगर गांव निवासी ब्रजकिशोर चौधरी हत्या के मामले में जेल भेज दिये गये। इसी दौरान टीआरई-एक में पास हो गये। जेल प्रशासन की अनुमति से उन्होंने 30 नवंबर 2023 को पुलिस अभिरक्षा में हाईस्कूल तिउरी के शिक्षक के रूप में ज्वॉयन किया। इसके बाद फिर से जेल भेज दिये जाने के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक 25 जुलाई 2025 को ब्रजकिशोर चौधरी को उनपर लगे आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को जारी पत्रांक 5763 के अनुसार ब्रज किशोर चौधरी ने तिउरी हाईस्कूल में ज्वायन करते हुए नियमित रूप से पठन-पाठन कार्य करने लगे। लेकिन, नवंबर, दिसंबर का वेतन भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में उन्हें वेतन के लिए रोजाना स्कूल के छुट्टी होने के बाद कार्यालय जाने की विवशता बनी हुई है। शिक्षक ब्रज किशोर चौधरी ने बताया कि उन्होंने वेतन भुगतान के लिए दिये गये आवेदन में लिखा है कि निलंबन अवधि में भी उन्हें वेतन दिया जा रहा था। अब एकमुश्त राशि लौटाने को कहा जा रहा है। लेकिन, वे ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। अगर वेतन के रूप में गलत रूप से दी गयी राशि किश्त में देने की अनुमति चाहते हैं। अधिकारी बोले : तिउरी हाईस्कूल के एचएम ने ब्रजकिशोर चौधरी के निलंबन की सूचना प्रखंड शिक्षा कार्यालय को दी थी। लेकिन, वहां के एकाउंटेंट राजन कुमार की गलती के कारण शिक्षक के जेल में रहते हुए वेतन का भुगतान होता रहा। मामले को संज्ञान में आते ही इसकी जांच करायी गयी। आरोप सही पाये गये। ऐसे में एकाउंटेंट पर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है। आनंद शंकर, डीपीओ, शिक्षा विभाग

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;