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बैंकों की हड़ताल: नालंदा में पांच सौ करोड़ तो शेखपुरा में छह करोड़ का कारोबार प्रभावित

बैंकों की हड़ताल: नालंदा में पांच सौ करोड़ तो शेखपुरा में छह करोड़ का कारोबार प्रभावित

1 / 3देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार से नालंदा के 128 और शेखपुरा के 53 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी दो दिनों की हड़ताल पर चले गये...

बैंकों की हड़ताल: नालंदा में पांच सौ करोड़ तो शेखपुरा में छह करोड़ का कारोबार प्रभावित

2 / 3देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार से नालंदा के 128 और शेखपुरा के 53 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी दो दिनों की हड़ताल पर चले गये...

बैंकों की हड़ताल: नालंदा में पांच सौ करोड़ तो शेखपुरा में छह करोड़ का कारोबार प्रभावित

3 / 3देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार से नालंदा के 128 और शेखपुरा के 53 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी दो दिनों की हड़ताल पर चले गये...

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देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार से नालंदा के 128 और शेखपुरा के 53 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी दो दिनों की हड़ताल पर चले गये हैं। कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से इन बैंकों में ताले लट गये हैं। नालंदा में करीब 5 सौ करोड़ तो शेखपुरा 6 करोड़ का कारोबार एक दिन में प्रभावित हुआ है। सरकारी बैंक कर्मियों की हड़ताल को जिला के प्राइवेट बैंकों ने भी समर्थन दिया। हड़ताल के दौरान कई जगहों पर बैंककर्मियों ने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन भी किया। हड़ताल की वजह से शेखपुरा की करीब 78 एटीएम तो नालंदा की 150 एटीएम में नोट की किल्लत हो गयी है। सुबह 10 बजे तक कुछ एटीएम से नोट निकले, लेकिन उसके बाद एटीएम का खाजाना हो गया। लोग पैसे के लिए भटकते दिखे। हालांकि मध्य बिहार ग्रामीण बैंकों में आम दिनों की तरह कामकाज हुआ। बैंकों में लटके ताले, एटीएम ने भी दिया जवाबबैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण बुधवार को जिले के कॉमर्शियल बैंकों में ताले लटके रहे। इनके समर्थन में कई निजी बैंक भी बंद रहे। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पहले से ही खास्ताहाल चल रही एटीएम भी दिन में 11 बजे के बाद नोट उगलना बंद कर दिया। इससे ग्राहकों को और परेशानी हुई। केनरा बैंक एम्पलाईज यूनियन के उपाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि 11वां द्विपक्षीय वेतन समझौता को अब तक लागू नहीं किया गया। इसे अविलंब लागू करने व आईबीए द्वारा दी गयी वेतन वृद्धि के खिलाफ में बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। अगर मांगे नहीं मानी जाएंगी तो आगे भी आंदोलन किया जाएगा। पीएनबी के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध कुमार ने कहा कि सरकार बैंककर्मियों का शोषण कर रही है। एक तरफ द्विपक्षीय समझौता किया जाता है, दूसरी तरफ सरकार अपने ही समझौते को लागू करने में आना-कानी करती है। बैंककर्मी व अधिकारी इसके लिए मोर्चा खोल चुके हैं। हड़ताल में निजी बैंकों का भी समर्थन मिल रहा है। यूनाइटेड फोरम से जुड़े नौ यूनियनों से जुड़े कर्मियों के हड़ताल पर रहने से खासा प्रभाव पड़ा है। नोट के लिए भटकते रहे लोग : - बैंक बंद रहने से ग्राहकों ने एटीएम का रूख किया। नईसराय एसबीआई एटीएम से सुबह से पैसे निकले। इसी तरह इक्का-दुक्का एटीम में पैसे थे, लेकिन 11 बजे के बाद सभी एटीएम जवाब दे गए। सोहसराय के अरविंद सिंह को केनरा बैंक से पैसे निकालने थे। वहां बैंक बंद देखकर एटीएम से पैसा निकालने के लिए शहर का रूख किया, लेकिन कई एटीएम के चक्कर लगाने के बाद भी पैसे नहीं निकाल पाए। इसी तरह हरनौत के अभिषेक कुमार, सन्नी कुमार, बस्ती के पंकज कुमार, दीपनगर के धनंजय कुमार, पिंटू कुमार व अन्य दर्जनों ग्राहकों को पैसे नहीं मिले। बच्चे का करना था इलाज, नहीं मिले पैसे:सोहसराय के जितेंद्र कुमार अपने बच्चे को इलाज के लिए निजी अस्पताल आये थे। वहां उन्हें पांच हजार रुपए की जरूरत पड़ी। इसके बाद वे गढ़पर पीएनबी बैंक गए, वहां ताला लटका देख पास के कई एटीएम का चक्कर लगाया, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले। हरनौत के अनुभव राज समरसेबल मोटर लेने के लिए बिहाराशरीफ आए थे, लकिन एटीएम से पैसे नहीं निकल पाने के कारण खाली हाथ लौटना पड़ा। 53 बैंक शाखाओं में लटका ताला, एटीएम का भी शटर बंददेशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार से जिला में संचालित 53 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी दो दिनों की हड़ताल पर चले गये हैं। कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से इन सभी बैंकों में ताला लटक गया है। सरकारी बैंक कर्मियों की हड़ताल को जिला के प्राइवेट बैंकों ने भी समर्थन दिया और अपने-अपने बैंक बंद रखे। हड़ताल के दौरान बरबीघा में बैंककर्मियों ने बैनर के साथ बैंक के समक्ष प्रदर्शन किया। हड़ताल की वजह से जिले की 78 एटीएम का भी शटर डाउन हो गया है। बैंकों की हड़ताल से दो दिनों में करीब 12 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि ग्रामीण बैंक की शाखाओं में समान्य दिनों की तरह काम हुआ। लोगों की बढ़ी परेशानी: - बैंक और एटीएम में ताला लटके रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बाजार के व्यापार पर काफी असर देखने को मिला। दूर-दराज से आये लोगों को बिना रुपया निकासी किये ही बैरंग वापस होना पड़ा। बुधवार को कुछ एटीएम थोड़ी देर के लिए खुली, पर ग्राहकों की अधिक भीड़ के कारण एटीएम का खजाना कुछ ही देर में खाली हो गया। वेतन बढ़ाने की मांग :- जिला अग्रणी बैंक के अधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर देश भर के बैंककर्मी हड़ताल पर गये हैं। उन्होंने कहा कि बैंककर्मियों का वेतन रैंक के अनुसार नहीं है। सीपीसी का लाभ भी बैंककर्मियों को नहीं दिया जाता है। सरकार ने साल 2017 में ही बैंककर्मियों को वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया था,परंतु आजतक इसे पूरा नहीं किया गया है। श्री कुमार ने कहा कि केंद्रीयकर्मियों से पांच दिन ही काम लिया जाता है, पर बैंक वालों से दो शनिवार को छोड़कर छह दिनों तक काम लिया जाता है। इन्ही मांगों को लेकर दो दिनों की हड़ताल की गयी है।छह करोड़ का प्रतिदिन ट्रांजेक्शन:- लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी बैंकों का प्रतिदिन करीब छह करोड़ का ट्रांजेक्शन होता है। दो दिनों की बैंक हड़ताल के कारण 12 करोड़ का ट्रांजेक्शन प्रभावित होगा। इसके अलावा एटीएम से होने वाले ट्रांजेक्शन भी प्रभावित होगा। जिला में 17 प्राइवेट बैंक है जिनमें भी ताला लटका रहा।

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  • Web Title: Strike of banks: Rs.500 crores in Nalanda and 6 crores of business affected in Sheikhpura