
इक दीप मुहब्बत का जला क्यूं नहीं देते... पर लगे जमकर ठहाके
बिहारशरीफ के शिवपुरी मोहल्ले में सरस्वती पूजा के अवसर पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कवियों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों का मनोरंजन किया। बेनाम गिलानी और नवनीत कृष्ण जैसे कवियों ने हास्य और भावनाओं से भरी रचनाएं सुनाईं, जिससे दर्शक ठहाके लगाते रहे।
इक दीप मुहब्बत का जला क्यूं नहीं देते... पर लगे जमकर ठहाके तेरी बातों में हम रह गए पर कवि ने लोगों को गुदगुदाया शिवपुरी में हुआ कवि सम्मेलन, कवियों ने की हंसी ठिठोली फोटो : कवि सम्मेलन : बिहारशरीफ शिवपुरी में कवि सम्मेलन में शामिल लोग। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। शिवपुरी मोहल्ला में सरस्वती पूजा के अवसर पर कवि महफील सजी। इसमें रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर लोगों का मनोरंजन किया। बेनाम गिलानी ने हर नक्श अंधेरों का मिटा क्यूं नहीं देते, इक दीप मुहब्त का जला क्यूं नहीं देते... कवि सुनाया। इसपर लोगों ने जमकर ठहाके लगाए।
युवा कवि नवनीत कृष्ण ने तेरी बातों में हम रह गए, खुदसे गाफिल सनम रह गए, भीड़ है अब रियाकारों की, चाहने वाले कम रह गए... गजल सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। शंखनाद साहित्यिक मंडली के अध्यक्ष प्रो. डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह ने झूठ बोलना पाप है, ये उपदेश वही देता है, जो रोज हजारों झूठ बोलता है, झूठ क्या है और सच क्या हैं, जानता नहीं, जो दूसरों से सुना वही बोलता है... गीत सुनाकर समा बांध दिया। सम्मेलन में शंखनाद के महासचिव राकेश बिहारी शर्मा, हास्य व्यंग्य कवि तंगअय्यूबी, प्रो. शकील अहमद, छंदकार सुभाष चंद्र पासवनन, अमन कुमार, स्मार्ट स्टडी लायब्रेरी के संचालक मुकेश भारती, अशोक कुमार, अविनाश कुमार, संजय कुमार, संतोष कुमार, आयुष्मान कुमार, अनिकेत कुमार, गोलू कुमार व अन्य ने अपनी रचनाएं सुनायीं।

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