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शहादत जवानों के लिए होता है सम्मान : पुलिस उप महानिरीक्षक

जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें। देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। शहादत जवानों के लिए सम्मान की बात है। ये बातें रविवार को सीआरपीएफ प्रशिक्षण केन्द्र में शहीद जवानों की याद में आयोजित समारोह के दौरान प्राचार्य पुलिस उप महानिरीक्षक ब्रिगेडियर के. वीरेंद्र सिंह ने कहीं। 

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 419 राज्य पुलिस व पारामिलिट्री जवान आंतरिक सुरक्षा के साथ देश को एकजुट करने में शहीद हो गये। उनके त्याग से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। आप ऐसा लगन से ड्यूटी करें कि लोग शहीद ही न हों। आने वाले समय में आंतरिक सुरक्षा की कठिनाइयां बढ़ती जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान अच्छाइयों को अपना उसूल बनायें। सभी जवान यह शपथ लें कि जहां भी रहेंगे, एक शहीद परिवार के साथ सहानुभूति रखेंगे। विधवा से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। हर जवान को अपनी यूनिफार्म पर गर्व होना चाहिए। 21 अक्टूबर 1959 को हॉट स्प्रिंग गश्त के दौरान चीनी सैनिकों ने स्वचालित हथियारों व मोर्टार के साथ जब हमला किया था तो सीआरपीएफ के मात्र 21 जवानों ने पूरी चीनी सैनिकों को वापस जाने पर मजबूर कर दिया था। इसमें 10 जवानों को वीरगति प्राप्त हुई थी। उनकी याद में हर वर्ष पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है। 

कार्यक्रम में जवानों ने शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सभी जवानों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मौके पर प्राचार्य सह पुलिस उपमहानिरीक्षक ब्रिगेडियर के. बीरेंद्र सिंह, उपकमांडेंट जेएच मंडल, सौरभ पाटिल, सहायक कमांडेंट एसके मिश्रा, जेके वर्मा, चिकित्सा पदाधिकारी डा. विनय सुशील व अन्य मौजूद थे। 

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  • Web Title:Shahadat will be honored for soldiers