
परेशानी : चौक-चौराहों पर सिर्फ शाम के वक्त अलाव की व्यवस्था
बिहारशरीफ में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। नगर निगम द्वारा चौक-चौराहों पर शाम के समय अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह केवल एक घंटे तक ही जलती है। गरीब, फुटपाथी और रिक्शा चालक रात में ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। लोगों ने अधिक जलावन की व्यवस्था की मांग की है।
परेशानी : चौक-चौराहों पर सिर्फ शाम के वक्त अलाव की व्यवस्था भीषण ठंड में एक घंटे में खत्म हो जा रहा अलाव, ठिठुर रहे लोग फुटपाथी और रिक्शा चालकों को ठंड में बितानी पड़ रही रातें फोटो : नगर निगम अलाव : बिहारशरीफ अस्पताल चौक पर शाम अलाव की व्यवस्था। बिहारशरीफ, एक संवाददाता। शहर में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है, लेकिन नगर निगम की ओर से की गई अलाव की व्यवस्था जरूरतमंदों के लिए नाकाफी साबित हो रही है। चौक-चौराहों पर केवल शाम के वक्त अलाव जलाया जा रहा है, वह भी इतनी कम मात्रा में कि एक घंटे के भीतर आग खत्म हो जा रही है।
इसके बाद पूरी रात गरीब, फुटपाथी, ठेला चालक और रिक्शा चालक ठिठुरते हुए गुजारने को मजबूर हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर देर शाम जब अलाव जलता है, तो कुछ देर के लिए लोगों को राहत जरूर मिलती है, लेकिन जलावन की कमी के कारण आग ज्यादा देर तक नहीं टिक पाती। रात गहराते ही ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है और आसमान के नीचे रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। खासकर रिक्शा चालक, जो दिनभर मेहनत के बाद रात में सड़कों के किनारे ही विश्राम करते हैं, उनके लिए यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है। अधिक जलावन की हो व्यवस्था : रिक्शा चालक मो. आफताब का कहना है कि नगर निगम हर साल ठंड में अलाव की घोषणा तो करता है, लेकिन हकीकत में व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है। आग इतनी जल्दी बुझ जाती है कि रात का बड़ा हिस्सा ठंड में कांपते हुए गुजरता है। वहीं पिंटू पासवान ने कहा कि अगर अलाव पूरी रात जलता रहे, तो कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अभी तो शाम ढलते ही जिम्मेदारी खत्म मान ली जाती है। लोगों ने ठंड को देखते हुए कुछ व्यस्त जगहों पर अधिक जलावन की व्यवस्था करने की अपील की है। रिक्शा चालक कमलेश दास ने बताया कि ठंड के कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। रात में सवारी कम मिलती है और ठंड से शरीर जवाब देने लगता है। ठेला चालक गरीबन पासवान ने कहा कि उनके पास गर्म कपड़े खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में अलाव ही एकमात्र सहारा है। पिंटू कुमार और अमित कुमार का कहना है कि नगर निगम को सिर्फ चौराहों पर ही नहीं, बल्कि फुटपाथों और प्रमुख ठहराव स्थलों पर भी रातभर अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए। कम से कम अहले सुबह चौक चौराहा पर भी अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिल सके । नगर आयुक्त दीपक मिश्रा ने बताया कि जहां जरूरत समझी जाती है वहां अलाव तुरंत व्यवस्था कराई जाती है। तीन दर्जन से अधिक जगहों पर अभी अलाव की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्लम और गरीबों के बीच कंबल भी बांटा गया है। जरूरत पड़ने पर अन्य जगहों पर भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी।

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