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चोरसुआ पंचायत में विकास के नाम पर गड़बड़ी की पोल खुली

चोरसुआ पंचायत में विकास के नाम पर गड़बड़ी की पोल खुली

संक्षेप:

एसडीओ के औचक निरीक्षण से सामने आई योजनाओं की जमीनी सच्चाई चोरसुआ पंचायत में विकास के नाम पर गड़बड़ी की पोल खुली

Jan 06, 2026 10:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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एसडीओ के औचक निरीक्षण से सामने आई योजनाओं की जमीनी सच्चाई फोटो : पावापुरी पंचायत-पावापुरी की चोरसुआ पंचायत में मंगलवार को योजनाओं की जांच करते अधिकारी। पावापुरी, निज संवाददाता। गिरियक प्रखंड की चोरसुआ पंचायत में विकास योजनाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब राजगीर एसडीओ आशीष नारायण ने खुद इनकी जांच की। वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान कराए गए कार्यों में अनियमितता की शिकायतों के बाद हुए इस औचक निरीक्षण ने पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में गड़बड़ी की पोल खोल दी है। एसडीओ ने पंचायत क्षेत्र में कराए गए पुस्तकालय भवन, नाला निर्माण, पीसीसी ढलाई और इंटरलॉकिंग सड़क समेत कई योजनाओं का निरीक्षण किया।

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अभिलेखों और जमीन पर दिख रहे कार्यों में स्पष्ट अंतर देख एसडीओ ने नाराजगी जताई। जांच में सामने आया कि वार्ड संख्या सात में विधायक मद से बने पुस्तकालय भवन को चार अलग-अलग योजनाओं के रूप में दर्शाकर 11 लाख 41 हजार 161 रुपये की निकासी की गई। निरीक्षण में भवन न तो तय मानकों पर खरा उतरा और न ही कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। घटिया सामग्री के उपयोग से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई है। 15वें वित्त आयोग के तहत कराए गए स्वीकृत लंबाई से कम में नाला बनाकर भुगतान करा लिया गया है। नाला कुछ ही समय में टूट गया है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जांच में यह भी सामने आया कि कई योजनाएं ग्राम सभा की मंजूरी और तकनीकी स्वीकृति के बिना ही शुरू कर दी गई। अधिकांश कार्य स्थलों पर सूचना पट्ट नहीं था। इस पर एसडीओ ने कर्मियों को फटकार लगाते हुए जांच रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। सूत्रों की माने तो जांच में दोषी पाए जाने पर पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों के खिलाफ राशि वसूली, विभागीय कार्रवाई और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। जांच टीम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार सिंह, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी रंजीत सिंह व अन्य अधिकारी शामिल थे।