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हर माह निबंधन विभाग को 5 करोड़ का नुकसान

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हर माह निबंधन विभाग को 5 करोड़ का नुकसान
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफSat, 11 May 2024 10:00 PM
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हर माह निबंधन विभाग को 5 करोड़ का नुकसान
जमाबंदी धारक जमीन बिक्री नियम का बढ़ता जा रहा असर

अप्रैल माह में 6 करोड़ रुपये राजस्व की हुई प्राप्ति

जमीन निबंधन के कार्यो में 70 फीसद गिरावट

70 के स्थान पर महज 20 दस्तावेजों का ही प्रतिदिन हो रहा निबंधन

फोटो:

अजय कुमार : राजस्व प्राप्ति को लेकर मौजा का नक्शा बनाकर योजना बनाते अवर निबंधक अजय कुमार।

बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि।

जमाबंदी धारक जमीन बिक्री नियम का असर बढ़ता जा रहा है। हर माह निबंधन कार्यालय को पांच करोड़ का नुकसान हो रहा है। जमीन निबंधन के कार्यो में 70 फीसद गिरावट आयी है। रोजाना 70 के स्थान पर महज 20 दस्तावेजों का ही निबंधन हो रहा है। मार्च के बाद अप्रैल माह में भी निबंधन कार्यालय को पांच करोड़ का नुकसान हुआ है। अप्रैल 2023 में जमीन निबंधन से विभाग को 11 करोड़ राजस्व वसूल हुई थी। मार्च 2024 में जमीन बिक्री से 5 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। मार्च 2023 में बिहारशरीफ कार्यालय को 10 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। यह घटकर तीन करोड़ रही। हिलसा में 4.62 करोड़ की अपेक्षा महज 1.87 करोड़ तो राजगीर में 5.95 करोड़ के एवज में महज 1.50 करोड़ की ही वसूली हुई।

जमाबंदी धारक जमीन बिक्री नियम फरवरी 2024 से लागू है। तब से इसमें गिरावट आयी है। अवर निबंधक अजय कुमार झा ने बताया कि अधिक राजस्व वसूली के लिए योजना बनायी जा रही है। तीनों निबंधन कार्यालय द्वारा शहर क्षेत्र के आस-पास के मौजा को चिह्नित किया जा रहा है। भूमि धारकों को स्वयं के नाम से जमाबंदी कराने की जानकारी दी जा रही है। पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर जमाबंदी कायम किया जा रहा है।

सुओ मोटो से नहीं हो रही जमीन की दाखिल-खारिज :

सुओ मोटो नालंदा में कागजों में सिमट कर रह गयी है। इस सेवा के तहत एक भी जमीन का म्यूटेशन नहीं हुआ है। जमीन खरीद के साथ ही स्वत: जमाबंदी कायम करने के लिए सुओ मोटो म्यूटेशन सेवा की शुरुआत तीन साल पहले की गयी थी। यह ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया है। इसके तहत जमीन खरीद के बाद सभी आंकड़े संबंधित अंचल कार्यालय के सर्वर में पहुंच जाता है। लेकिन, इसका लाभ खरीदारों को नहीं मिल रहा है।

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