
गौरव : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में डीएम व डीडीसी को किया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नालंदा जिले को जल संचयन में नवाचार के लिए दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मानित किया। जिले में अब तक 175 चेकडैम और 7,494 सोख्ता बनाए गए हैं। इसके अलावा, 595 भवनों पर वर्षा जल संचयन किया जा रहा है, जिससे किसानों के लिए जल उपलब्धता में सुधार हो रहा है।
गौरव : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में डीएम व डीडीसी को किया सम्मानित सिंचाई व जल संचयन में नवाचार में नालंदा जिले ने जल संचयन में बनाया रिकॉर्ड अब तक बनाए गए हैं 175 चेकडैम व 7,494 सोख्ता 7416 आहर पइन के जीर्णोद्धार से जल संचयन को मिली गति 595 भवनों की छतों पर हो रही रेनवाटर हार्वेस्टिंग फोटो : दिल्ली डीएम : नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मेडल के साथ डीएम कुंदन कुमार व डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। जल संचयन में नालंदा जिले ने वर्ष 2024 में बेहतर काम कर रिकॉर्ड बनाया है। इसके लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डीएम कुंदन कुमार व डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर को मेडल देकर सम्मानित किया।
यह सम्मान उन्हें सिंचाई व जल संचयन में नावाचार के लिए दिया गया है। प्रभारी डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि अब तक नालंदा जिले में 175 चेकडैम व सात हजार 494 सोख्ता बनाए गये हैं। वहीं, सात हजार 416 आहर पइन का जीर्णोद्धार किया गया है। इससे जल संचयन को काफी गति मिली है। जल संचयन के लिए जिला के 595 भवनों की छतों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग हो रही है। यानि, बारिश के पानी को अधिक से अधिक जमीन में जमा (वाटर रिचार्ज) करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मनरेगा के माध्यम से जल संचयन को लेकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने की दिशा में भी काफी प्रयास किए गए हैं। अभियान चलाकर लाखों की संख्या में पौधे लगाए गए हैं। चेकडैम किसानों के लिए बनता जा रहा संजीवनी : नालंदा जिला में धोबा, मुहाने, पंचाने, गोइठवा समेत 37 छोटी-बड़ी नदियों का जाल बिछा हुआ है। जमीन में पानी को जमा करने में इन नदियों की अहम भूमिका है। लेकिन, बारिश होने पर नदियों से पानी का बहाव तुरंत हो जाता है। इससे नदियों में अधिक समय पर पानी का ठहराव नहीं हो पाता है। इससे निजात के लिए नदियों में पानी के ढलान के अनुसार जगह-जगह पर चेकडैम बनाकर पानी को रोकने की व्यवस्था की जाती है। इससे नदियों में पानी ठहरता है। इससे किसान अपने खेतों की पटवन भी करते हैं। ये चेकडैम किसानों के लिए भी संजीवनी साबित हो रहे हैं। आंकड़ों की नजर में उपलब्धियां : चेकडैम निर्माण : 175 सोख्ता का निर्माण : 7,494 आहर पइन का जीर्णोद्धार : 7,416 रेनवाटर हार्वेस्टिंग : 595 कुआं का जीर्णोद्धार : 2,935 नए जलस्रोतों का सृजन : 1,030

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