यात्री विश्राम गृह बना शोपीस, बैठने तक की नहीं है व्यवस्था

हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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रामचंद्रपुर बस स्टैंड की बदहाल स्थिति से यात्री परेशान हैं। विश्राम गृह में बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी और पानी की कमी भी समस्या बढ़ा रही है। बस स्टैंड पर यात्रियों और बसकर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।

यात्री विश्राम गृह बना शोपीस, बैठने तक की नहीं है व्यवस्था

यात्री विश्राम गृह बना शोपीस, बैठने तक की नहीं है व्यवस्था यात्री फर्श पर बैठकर और लेटकर काट रहे समय बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे ज्यादा हो रही परेशानी रामचंद्रपुर बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था से यात्री और बसकर्मी परेशान चारों ओर फैली गंदगी से बिगड़ रहा माहौल, नहीं होती है नियमित सफाई एकमात्र पानी की टोटी के भरोसे हजारों यात्री, खरीदकर पानी पीने को मजबूर लोग फोटो : बस स्टैंड : भीषण गर्मी में शहर के रामचंद्रपुर बस स्टैंड में यात्री विश्राम गृह में फर्श पर लेटे यात्री और बस कर्मी। बिहारशरीफ, एक संवाददाता। जिले का प्रमुख परिवहन केंद्र माने जाने वाला रामचंद्रपुर बस स्टैंड इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव का शिकार बना हुआ है। रोजापा हजारों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद यहां मौजूद यात्री विश्राम गृह बदहाली की कहानी बयां कर रहा है।

विश्राम गृह की समस्या

यात्री विश्राम गृह शोपीस बना हुआ है। बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। इस भीषण गर्मी में भी यात्री फर्श पर बैठकर और लेटकर किसी तरह से समय काट रहे हैं। बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। हद तो यह कि स्मार्ट सिटी के इस बस स्टैंड की नियमित सफाई तक नहीं होती है। चारों ओर फैली गंदगी से यहां का माहौल बिगड़ रहा है। एकमात्र पानी की टोटी के भरोसे हजारों यात्री अपनी प्यास बुझा रहे हैं। जबकि, कई लोग खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।

कुर्सियों की कमी

एक भी कुर्सी बेंच तक नहीं है विश्राम गृह में : बस स्टैंड पर सुबह से देर रात तक विभिन्न रूटों की बसें चलती हैं। दूर-दराज गांवों और शहरों से आने वाले यात्रियों को कई बार घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन विश्राम गृह में कुर्सी, बेंच अथवा चौकी नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन फर्श पर बैठना पड़ता है। कई यात्री तो थकान के कारण जमीन पर ही लेटकर समय बिताते हैं। पटना से आए यात्री राजेश कुमार ने बताया कि उनकी बस रात में खुलनी है। ऐसे में समय बिताने के लिए उन्हें यात्री विश्राम गृह में रुकना पड़ा। स्थिति केवल यात्रियों तक ही सीमित नहीं है। बस चालक मोछू कुमार, पप्पू कुमार और सुरेश कुमार ने बताया कि लंबी दूरी तय कर बस स्टैंड पहुंचने के बाद कुछ देर आराम की आवश्यकता होती है, लेकिन यहां आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। चालक और परिचालकों को फर्श पर बैठकर या लेटकर ही समय बिताना पड़ता है। बस मालिक राहुल रंजन ने कहा कि रामचंद्रपुर बस स्टैंड सबसे व्यस्त पड़ाव है। लेकिन यहां यात्रियों और बस कर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। उन्होंने प्रशासन से यात्री विश्राम गृह में पर्याप्त कुर्सियां, बेंच और चौकियों की व्यवस्था कराने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा नियमित सफाई करने की मांग की है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

नगर प्रबंधक साकेश कुमार ने बताया कि रैन बसेरा की व्यवस्था बस स्टैंड में की गई है। यदि ग्राउंड फ्लोर पर यात्री और बस कर्मियों के लिए जरूरत पड़ने पर कुर्सी या अन्य व्यवस्था करनी होगी, तो उसे वरीय पदाधिकारी के आदेश के बाद पूरा किया जाएगा। अन्य कमियों को दुरुस्त कराया जाएगा। (बिहारशरीफ से प्रणय कुमार)

सामान्य प्रश्न

रामचंद्रपुर बस स्टैंड में यात्रियों को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
रामचंद्रपुर बस स्टैंड में यात्रियों को बैठने की व्यवस्था नहीं होने, गंदगी और पानी की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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