सीएम नीतीश के राज्यसभा नामांकन पर भड़के पुराने साथी, कहा-दबाव बनाकर किनारे करने की हुई साजिश

Mar 05, 2026 10:08 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन की घोषणा पर उनके पुराने राजनीतिक सहयोगियों में आक्रोश फैल गया है। सहयोगियों ने आरोप लगाया है कि यह निर्णय स्वेच्छा से नहीं लिया गया, बल्कि उन पर राजनीतिक दबाव डाला गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पद से हटाने की कोशिशों की भी निंदा की है।

सीएम नीतीश के राज्यसभा नामांकन पर भड़के पुराने साथी, कहा-दबाव बनाकर किनारे करने की हुई साजिश

सीएम नीतीश के राज्यसभा नामांकन पर भड़के पुराने साथी, कहा-दबाव बनाकर किनारे करने की हुई साजिश मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट और विधानसभा में नामांकन के बाद पैतृक गांव के लोगों में आक्रोश कल्याण बिगहा और हरनौत के पुराने राजनीतिक सहयोगियों ने बयान जारी कर जताई कड़ी आपत्ति कहा-स्वेच्छा से नहीं लिया फैसला, बिहार के विकास पुरुष को पद से हटाने की हो रही कोशिश फोटो : रामप्रवेश सिंह। रोहित कुमार। चंद्रउदय कुमार। अखिलेश्वर सिंह। शैलेन्द्र सिंह। विजय सिंह। रामाश्रय सिंह। प्रो. अखिलेश सिंह। उपेंद्र कुमार सिंह। लाल बाबू सिंह। बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गुरुवार को सोशल मीडिया पर राज्यसभा जाने की इच्छा जताने और इसके तुरंत बाद विधानसभा में नामांकन दाखिल करने के घटनाक्रम ने सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है।

हालांकि, फिलहाल मुख्यमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनके इस अचानक उठाए गए कदम से उनके गृह क्षेत्र हरनौत और पैतृक गांव कल्याण बिगहा के पुराने राजनीतिक साथियों में गहरी बेचैनी और नाराजगी है। नीतीश कुमार के शुरुआती संघर्ष के दिनों के सहयोगियों ने अलग-अलग बयान जारी कर आरोप लगाया है कि यह फैसला स्वेच्छा से नहीं लिया गया है, बल्कि उनपर भारी राजनीतिक दबाव बनाया गया है। मुख्यमंत्री के पुराने सहयोगियों ने उनके राज्यसभा जाने के फैसले को दबाव की राजनीति करार दिया है। बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सूबे में सुशासन स्थापित करने वाले नेता को इस तरह से किनारे करने की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। नेताओं का दावा है कि गठबंधन की अंदरूनी खींचतान के कारण उन पर पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। अचानक पोस्ट कर इस तरह का कदम उठाना उनके मूल स्वभाव के विपरीत है। नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले स्थानीय नेताओं ने इस घटनाक्रम पर कड़ा क्षोभ जताया है। बयान जारी करने वालों में मुख्यमंत्री के पैतृक गांव कल्याण बिगहा के रामप्रवेश सिंह, अवधेश कुमार सिंह, बनगच्छा के रोहित कुमार, सेवदह के चंद्रउदय कुमार व अखिलेश्वर सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा खरुआरा के शैलेन्द्र सिंह, विवेका सिंह व विजय सिंह, हरनौत के रामाश्रय सिंह व प्रो. अखिलेश सिंह, हसनपुर के उपेंद्र कुमार सिंह और नरसंडा के लाल बाबू सिंह ने भी खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। इन सभी ने एक स्वर में कहा है कि बिहार की जनता उनके नेता के साथ हो रही इस साजिश को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

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