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28 जनवरी, 2020|8:17|IST

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निजी क्लीनिक में नवजात को बनाया बंधक, जानें क्या हुआ...

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सदर अस्पताल से रेफर किये गये एक नवजात को आशाकर्मी ने बरगला कर लहेरी थाना क्षेत्र के एक निजी क्लीनिक में पहुंचा दिया। 12 दिन तक इलाज होने के बाद भी नवजात की तबियत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे पटना ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन क्लीनिक के एक कर्मी ने मात्र 2700 रुपये के लिए नवजात को बंधक बना लिया और गाली-गलौज की। नवजात के दादा नगरनौसा थाना क्षेत्र के हरगोपालपुर गांव निवासी राजकिशोर प्रसाद ने एसपी निलेश कुमार से इसकी शिकायत की। एसपी की पहल पर लहेरी थाना की पुलिस ने बच्चे को मुक्त कराया। परिजन ने पुलिस से शिकायत करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल से पटना रेफर किया गया था। उसी दौरान अस्पताल में मौजूद एक आशाकर्मी ने उन्हें झांसा देकर क्लीनिक में पहुंचा दिया। कई दिन इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। दवा के रूपये बाकी रहने पर क्लीनिक कर्मी ने बच्चे को बंधक बना लिया। लोगों की माने तो सदर अस्पताल में ऐसे लोग घूमते रहते हैं जिनका काम मरीजों को बरगला कर निजी अस्पतालों में पहुंचाना है। इनमें कई आशाकर्मी भी शामिल है। मरीजों के बदले क्लीनिक संचालकों से मोटी रकम मिलती है। पहले भी डीएम के द्वारा ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। कार्रवाई के बाद कुछ दिन शांति रहती है। उसके बाद फिर से अस्पताल में दलाल सक्रिय हो जाते हैं।

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  • Web Title: Newborn hostage in private clinic learn what happened