Biharsharif News: जनगणना से पहले बदलेगा नालंदा का शहरी नक्शा, 3 नये नगर निकाय बनाने की तैयारी
Biharsharif News: नालंदा जिले में 2027 की जनगणना से पहले 3 नए नगर निकायों का गठन किया जा रहा है। नूरसराय, नगरनौसा और कतरीसराय को नगर पंचायत का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शहरीकरण के चलते और ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करने पर भी मंथन हो रहा है।

Biharsharif News: जनगणना से पहले बदलेगा नालंदा का शहरी नक्शा, 3 नये नगर निकाय बनाने की तैयारी शहर बनने की कतार में नूरसराय, नगरनौसा और कतरीसराय, मांगा गया पूरा खाका 12 हजार शहरी आबादी पर नगर पंचायत, 2027 की जनगणना से पहले नये नगर निकाय बनाने की तैयारी तेज फोटो: नालंदा मैप : नालंदा का नक्शा। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। नालंदा का शहरी नक्शा जल्द बदल सकता है। वर्ष 2027 की जनगणना से पहले जिले में तीन नये नगर निकाय गठित करने की कवायद शुरू हो गयी है। नगर एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। नूरसराय, नगरनौसा और कतरीसराय को नगर पंचायत का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, राजगीर से सटे ग्रामीण इलाकों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने और दूसरे नगर निकायों की सीमा विस्तार की संभावनाओं पर भी मंथन शुरू हो गया है। यानी, आने वाले दिनों में नालंदा के कई गांव और बाजार शहरी क्षेत्र का हिस्सा बन सकते हैं।
नगरीय विकास की प्रक्रिया
15 निकायों के बाद 3 और पर नजर : नगर एवं आवास विभाग ने 26 अगस्त को जारी आदेश में नये नगर निकायों के गठन, ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकाय में शामिल करने और मौजूदा निकायों की सीमा के विस्तार के लिए प्रस्ताव मांगा है। शनिवार को नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम समेत जिले के सभी 15 नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में नये निकायों के गठन के सभी पहलुओं पर चर्चा की गयी। विभागीय निर्देश के अनुसार करीब 12 हजार की शहरी आबादी वाले क्षेत्रों को नगर पंचायत के रूप में गठित करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की जानी है। इसी आधार पर नूरसराय, नगरनौसा और कतरीसराय को लेकर प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी है।
प्रस्तावित नगर निकायों का विवरण
जनसंख्या से लेकर थाना नंबर तक देना होगा: नये नगर निकाय का प्रस्ताव तैयार करना आसान नहीं होगा। इसके लिए प्रस्तावित क्षेत्र का पूरा भौगोलिक और जनसांख्यिकीय खाका तैयार करना होगा। कुल जनसंख्या, कर्मियों की संख्या, कृषि कर्मियों की संख्या, कुल क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व, सीमा, चौहद्दी और थाना नंबर समेत विस्तृत ब्योरा देना होगा। इसके साथ संबंधित क्षेत्र का नक्शा भी तैयार करना होगा। विभाग ने 19 सितंबर तक प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। इसका उद्देश्य वर्ष 2027 की जनगणना से पहले नये नगर निकायों के गठन की प्रक्रिया पूरी करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण
राजगीर के आसपास के गांव भी शहरी दायरे में आ सकते हैं अ बैठक में राजगीर की सीमा से सटे वैसे गांवों को भी नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने पर चर्चा हुई, जो फिलहाल प्रखंड क्षेत्र में हैं। तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण कई गांव और बाजार अब नगर निकायों से सट गये हैं। ऐसे क्षेत्रों को शहरी प्रशासन के दायरे में लाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नगर एवं आवास विभाग का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे छोटे शहरीनुमा क्षेत्रों को नगरपालिका क्षेत्र के रूप में गठित किया जा सकता है। इसके अलावा मौजूदा नगर पंचायतों को नगर परिषद और बड़े नगर परिषदों को नगर निगम के रूप में उत्क्रमित करने पर भी वैधानिक रूप से विचार किया जा सकता है। नगर निकायों के तेजी से विस्तार को देखते हुए उनकी सीमाएं बढ़ाने की संभावना भी खुली रखी गयी है। जिले में तेजी से फैल रहे कई छोटे बाजार और आबादी वाले क्षेत्र बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की संबंधित धाराओं के तहत नगर निकाय गठन के योग्य हो सकते हैं।
वर्तमान नगर निकाय स्थिति
अभी नालंदा में 15 नगर निकाय: नालंदा में वर्तमान में 15 नगर निकाय हैं। इनमें बिहारशरीफ नगर निगम, राजगीर, हिलसा और इस्लामपुर नगर परिषद तथा रहुई, हरनौत, चंडी, सरमेरा, अस्थावां, नालंदा, सिलाव, गिरियक, पावापुरी, परवलपुर और एकंगरसराय नगर पंचायत शामिल हैं। तीन नये निकाय गठित होने पर जिले में नगर निकायों की संख्या बढ़कर 18 हो जायेगी।
अधिकारी की टिप्पणी
कहते हैं अधिकारी: नये आदेश के अनुसार बैठक हुई है। तीन नये नगर निकायों के गठन पर चर्चा हुई है। अंतिम निर्णय जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम के स्तर से लिया जायेगा। कृत्यानंद रंजन, नगर आयुक्त, नगर निगम बिहारशरीफ


