जाति-आवास प्रमाणपत्र बनाना हुआ और मुश्किल
ऑनलाइन करने के क्रम में अटैच करना होगा जमीन की रसीद जाति-आवास प्रमाणपत्र बनाना हुआ और मुश्किल जाति-आवास प्रमाणपत्र बनाना हुआ और मुश्किल

ऑनलाइन करने के क्रम में अटैच करना होगा जमीन की रसीद बेघर व बाहर रहने वाले लोगों को होगी परेशानी फोटो: आरटीपीएस कांउटर: आरटीपीएस काउंटर। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। जाति-अवास प्रमाणपत्र बनाना अब और भी मुश्किल हो गया है। नये नियम के अनुसार जाति-आवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के क्रम में जमीन से संबंधित दस्तावेज को अटैच करना होगा। नये नियम में ऐसे लोग जिनके परिवार के पास अपनी जमीन नहीं है या संयुक्त परिवार के नाम से है उसे बेहद परेशानी हो रही है। साथ ही ऐसे आवेदक या छात्र जो प्रदेश से बाहर रहते हैं उन्हें भी मुश्किल होगी।
लोगों का कहना है कि पहले आधार नंबर व स्वयं शपथ से प्रमाणपत्र बन जाता था। इसमें समय भी कम लगता था। किसी बाबू के चक्कर लगाने नहीं पड़ते थे। नये नियम के अनुसार प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन करने से पहले भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कराना होगा। आईटी मैनेजर सतीश कुमार ने बताया कि नियम पहले से है। इसे लागू किया गया है। कुत्ते-बिल्ली के नाम पर प्रमाणपत्र बनाये जाने शिकायत: कुत्ते-बिल्ली के नाम और फोटो अटैच कर प्रमाणपत्र बनाये जाने की शिकायत पर पहल की गयी है। कुछ लोगों द्वारा प्रमाणपत्र बनाने जाने के क्रम में जानवर की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया जा रहा था। जाति प्रमाणपत्र के लिए चुनना होगा विकल्प : खतियान/ राजस्व अभिलेख, दानपत्र, भूमि संबंधित दस्तावेज, अन्य प्रमाणपत्र, अन्य राजस्व अभिलेख व स्थल निरीक्षण। आवास-निवास प्रमाणपत्र के लिए: खतियान/ राजस्व अभिलेख, दानपत्र, भूमि संबंधित दस्तावेज, अन्य राजस्व अभिलेख, राशन कार्ड/ वोटर आई कार्ड। आय प्रमाणपत्र के लिए: वेतन/ पेंशन पर्ची, आयकर रिर्टन, बैंक पासबुक, अन्य आय से संबंधित अभिलेख।
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