नालंदा और इजराइल के हिब्रू विश्वविद्यालय के छात्र एक साथ करेंगे साझा शोध

Feb 28, 2026 10:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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भारत और इजराइल के नालंदा विश्वविद्यालय और हिब्रू विश्वविद्यालय ने साझा शोध और शैक्षणिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व और गणित जैसे विषयों में छात्रों और फैकल्टी के लिए नए अवसरों का निर्माण करेगा। इस समझौते से दोनों देशों के बीच शैक्षणिक संबंध और मजबूत होंगे।

नालंदा और इजराइल के हिब्रू विश्वविद्यालय के छात्र एक साथ करेंगे साझा शोध

नालंदा और इजराइल के हिब्रू विश्वविद्यालय के छात्र एक साथ करेंगे साझा शोध शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों ने मिलाया हाथ बौद्ध अध्ययन पुरातत्व और गणित जैसे विषयों में दोनों देशों के विद्यार्थी करेंगे साझा शोध भारत और इजराइल के बीच मौजूद प्राचीन सांस्कृतिक व शैक्षणिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और बेहतर करियर के खुलेंगे कई नए रास्ते फोटो: नालंदा यूनिवर्सिटी: राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय का प्रवेश द्वार। राजगीर, निज संवाददाता। भारत और इजराइल के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों का सीधा फायदा अब उच्च शिक्षा और शोध क्षेत्र को भी मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के बीच राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय और जेरूसलम के प्रतिष्ठित हिब्रू विश्वविद्यालय के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इस शैक्षणिक गठजोड़ का आधिकारिक तौर पर स्वागत किया है। इसके तहत दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच एक विशेष फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इसके माध्यम से मुख्य रूप से बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व, गणित और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे महत्वपूर्ण विषयों में छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे। नालंदा विवि के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि इस गठजोड़ से दोनों देशों के विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध, नवाचार और करियर के नए व बेहतर अवसर पैदा होंगे। कूटनीतिक संबंधों का हुआ शैक्षणिक विस्तार: इजराइली संसद (नेसेट) में पीएम मोदी के संबोधन के बाद हिब्रू विश्वविद्यालय ने विशेष तौर पर आभार जताया है। विवि ने स्पष्ट किया कि दोनों राष्ट्रों की कूटनीतिक साझेदारी अब अकादमिक क्षेत्र में भी जमीन पर उतर रही है और भौगोलिक बाधाओं को तोड़कर संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस समझौते की रूपरेखा तय करने में हिब्रू विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपाध्यक्ष प्रो. गाय हारपाज़ और बौद्ध अध्ययन के निदेशक प्रो. एवीअतार शुलमैन की अहम भूमिका रही है। हाल ही में प्रो. शुलमैन ने नालंदा विवि का दौरा कर एक विशेष व्याख्यान भी दिया था। एआई और शिक्षा पर भी बनी सहमति: विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी और नेतन्याहू ने ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त पहल और इंटर्नशिप को जरूरी बताया है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने नालंदा और हिब्रू विवि के समझौते की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने वाले एक अन्य एमओयू का भी स्वागत किया।

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