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नालंदा मेड चिप्स और आलू भुजिया अगले माह से बाजार में

हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफPublished By: Newswrap
Wed, 07 Jul 2021 09:50 PM
नालंदा मेड चिप्स और आलू भुजिया अगले माह से बाजार में

नालंदा मेड चिप्स और आलू भुजिया अगले माह से बाजार में

पावडर और विभिन्न तरह के उत्पाद भी बनाएंगे किसान

सोहडीह में बन रहा पैक हाउस, लगेंगी ग्रेडिंग, मेकिंग और पैकेजिंग मशीनें

डीएम ने किया निरीक्षण, 15 अगस्त से उत्पादन शुरू करने का आदेश

फोटो

आलू : सोडहीड में बन रहे पैक हाउस का जायजा लेते डीएम योगेन्द्र सिंह। साथ हैं अन्य अधिकारी।

बिहारशरीफ। कार्यालय प्रतिनिधि

जिले के आलू उत्पादन खुशहाल होंगे। अगले माह से नालंदा मेड आलू के चिप्स, भुजिया और पावडर बाजार में उतार दिये जाएंगे। आने वाले समय में फ्रेंच फ्राई व अन्य प्रोडक्ट भी किसान बनाएंगे। खुद ही प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, मेकिंग और पैकेजिंग करेंगे। मार्केटिंग में जिला उद्यान विभाग धरती पुत्रों को सहयोग देगा।

डीएम योगेन्द्र सिंह ने बुधवार को शहर के सोहडीह में बन रहे हाइटेक पैक हाउस का जायजा लिया। अभी प्लिंथ लेवल से उपर तीन फीट ऊंची दीवार का निर्माण हो चुका है। डीएम ने कार्य में और तेजी लाने को कहा। साथ ही 15 अगस्त से आलू से निर्मित विभिन्न प्रोडक्टों का उत्पादन शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उद्यान विभाग सहायक निदेशक ज्ञानचंद शर्मा को विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर बिजली से जुड़े सभी कार्यों को ससमय पूरा करने को कहा। डीएम ने कहा कि पैक हाउस में प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग व अन्य आधुनिक मशीनें लग जाने पर आलू उत्पादक किसानों की आमदनी बढ़ेगी। उनके घरों में खुशहाली आएगी। वह दिन दूर नहीं जब लोग नालंदा मेड चिप्ट, भुजिया व अन्य प्रोडक्ट का स्वाद चखेंगे।

आलू उत्पादक होंगे मालामाल

राज्य उद्यानिक उत्पाद विकास कार्यक्रम में सूबे के 10 जिले चुने गये हैं। नालंदा का चयन आलू उत्पादन के लिए हुआ है। समूह बनाकर खेती की जानी है। जिले के बिहारशरीफ, नूरसराय और रहुई प्रखंडों को मिलाकर एक समूह बनाया गया है। नाम रखा गया है ‘बिहारशरीफ फॉमर्स प्रोड्यूसर कंपनी। इससे 86 किसान जुड़े हैं। तीन प्रखंडों को मिलाकर आलू की खेती के लिए 52 हेक्टेयर का कलस्टर बनाया गया है। पांच साल के लिए योजना बनी है।

पैक हाउस और मशीनें खरीदने के लिए 90 फीसदी अनुदान:

सोहडीह में पैक हाउस के निर्माण पर 13 लाख 26 हजार रुपए खर्च होगा। 90 फीसदी अनुदान सरकार देगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस पैक हाउस में आलू के रखने, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, पैंकिंग, प्रोसेसिंग, पोस्ट हार्वेस्ट की सारी सुविधाएं रहेंगी। बहुत जल्द चिप्स, भुजिया, पावडर व अन्य प्रोडक्ट बनाने के लिए मशीनें भी खरीदी जाएंगी। इसपर भी किसानों को 90 फीसदी अनुदान मिलेगा। फिक्ड मनी के रूप में पहले फेज में पांच लाख रुपए समूह को उपलब्ध करा दिया गया है। शर्त यह रखी गयी है कि किसान अपना शेयर फिर लगाएंगे व मशीनें खरीदेंगे तो और राशि दी जाएगी।

किसानों को एक नहीं कई लाभ:

विशेष फसल खेती योजना से किसानों को एक नहीं कई लाभ मिलेंगे। अब उन्हें न आलू के खराब होने का डर सताएगा और न उत्पादित फसल को बेचने की चिंता। उद्यान विभाग ट्रेनिंग के साथ प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में पूरी मदद करेगा। उपज की वाजिब कीमत मिलेगी। व्यापारियों के हाथों किसान ठगे नहीं जाएंगे। आलू की ब्रांडिंग होने से इसकी मांग सूबे ही नहीं देश के बड़े शहरों में बढ़ेगी। आलू की जगह उसके प्रोडक्ट बनाकर बेचने से कीमत अच्छी मिलेगी।

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