नालंदा में पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने एक्टिंग में आजमाया हाथ

Last Modified: Tue, Dec 04 2018. 20:57 IST
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पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी राजनीति के बाद अब एक्टिंग में अपना हाथ आजमा रहे हैं। मंगलवार को श्री मांझी बिहारशरीफ के तुंगी गांव पहुंचे और वहां कोट फिल्म की शूटिंग में हिस्सा लिया। पूर्व मुख्यमंत्री को एक्टिंग करते देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गयी। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जीतन जहां रहेगा, जीत भी वहीं आयेगी।

प्रसिद्ध कलाकार संजय मिश्रा व विवान शाह अभिनीत ‘कोट फिल्म की शूटिंग करीब 1 महीने से तुंगी गांव में चल रही है। गरीब युवक के संघर्ष की कहानी दिखाने वाली इस फिल्म में मांझी ने एक मंत्री की भूमिका निभायी है। शूटिंग टीम के अनुसार उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कैमरा फेस किया और पूरी शिद्दत से अपनी भूमिका निभायी।

उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति अभी असमंजस में है। खासकर उपेन्द्र कुशवाहा का रूख पता नहीं चल रहा है। वे एनडीए में रहेंगे या महागठबंधन में, इसका खुलासा नहीं कर रहे हैं। मैं तो 2 महीने से उन्हें महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दे रहा हूं। यहां उन्हें उचित मान-सम्मान दिया जायेगा। मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। यह न तो उनके हित में है न ही महागठबंधन के। उन्होंने कहा कि फिल्म गरीब-गुरबों और पिछड़ों के संघर्ष की कहानी है। एक महादलित युवक कैसे अपने बुलंद हौसले के साथ चुनौतियों का सामना करता है। फिल्म में यही दिखाया गया है। उन्हें फिल्म के सफल होने की कामना की।

एनएच से सीधे जुड़े मेडिकल कॉलेज:

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वे इलाजरत सरबहदा के विमल पांडेय के स्वास्थ्य का हाल लेने पहुंचे थे। अस्पताल की व्यवस्था के बारे में अस्पताल अधीक्षक डॉ. ज्ञान भूषण से जानकारी ली। आर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में भर्ती पांडेय के पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पूर्व सीएम को डॉक्टरों ने बताया कि कार्डियोग्राफी के बाद ही उनका ऑपरेशन हो सकेगा। क्योंकि, ब्लड प्रेशर में काफी उतार-चढ़ाव हो रहा है।

अस्पताल अधीक्षक ने उन्हें बताया कि अभी पावापुरी मोड़ पर सड़क जाम होने से अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ ही डॉक्टरों को भी परेशानी होती है। इसे सीधे एनएच से जोड़ दिया जाये तो परेशानी कम होगी। इमरजेंसी शुरू होने के बाद यह जाम मरीजों की मौत का कारण भी बन सकता है। इसके बाद पूर्व सीएम ने सरकार से अस्पताल को सीधे एनएच से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इस संबंध में जल्द ही योजना बनाये। उन्होंने अस्पताल से सड़क जाम होने के कारणों की विस्तृत जानकारी भी ली।

सुविधा अच्छी पर बनाये रखने की जरूरत:

जब उनको यह जानकारी मिली कि यह प्रदेश का इकलौता पूर्णत: वातानुकूलित सरकारी अस्पताल है तो फिर उन्होंने यहां की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए डॉक्टर्स के बारे में जानकारी ली। अस्पताल के पदाधिकारियों को कहा कि इन सुविधाओं को बनाये रखने की आवश्यकता है। मौके पर अधीक्षक डॉ ज्ञान भूषण, प्रभारी उपाधीक्षक डॉ सरफुद्दीन अहमद, डॉ अरविंद कुमार सिंह, डॉ एके झा, डॉ नागेंद्र प्रसाद, डॉ आरके हिमांशु, डॉ वसंत नारायण सिंह, रवि रंजन, सोनू, सौरव, महेश कुमार, राधा कुमारी, सौरभ गुप्ता के अलावा अस्पताल के कर्मी मौजूद थे।

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