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17 नबम्बर, 2019|9:07|IST

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नालंदा में तीसरे दिन 80 खिलाड़ियों ने साधा निशाना

नालंदा में तीसरे दिन 80 खिलाड़ियों ने साधा निशाना

नालंदा में नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन 80 खिलाड़ियों ने टारगेट पर गोलियां दागीं। हालांकि, पहले व दूसरे दिन रिकॉर्ड बना चुके खिलाड़ी अभी तक आगे चल रहे हैं। खेल गांव का रूप ले चुके कल्याण बिगहा में देश के कोने-कोने से आए निशानेबाज अनुशासन में रहकर निशाना साधते रहे। लेकिन, संयोग यह कि एक भी खिलाड़ी पूर्व के खिलाड़ियों का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया। टारगेट पर निशाना लगाकर लक्ष्य भेदने में जीतोड़ मेहनत कर रहे थे। अलग-अलग राज्यों से आए आठ एक्सपर्ट रेफरी खेल पर पैनी नजर बनाए हुए थे। थोड़ी-सी चूक होने पर रायफल एसोसिएशन के सचिव कुमार त्रिपुरारी सिंह ने बताया कि सुबह 7:15 बजे से निशानेबाजी शुरू की गयी। 24 अक्टूबर तक होने वाली नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आये 14 सौ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। दिल्ली में एक गेम आयोजित हो रहा है। इसके चलते खिलाड़ियों की उपस्थिति प्रभावित हुई है। दिल्ली में गेम खत्म होने के बाद खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। 24 अक्टूबर को निशानेबाजी खत्म होने के अंतिम दिन सफल खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए राज्ययपाल फागु चौहान आएंगे। अबतक तीन दिनों में 310 खिलाड़ी निशाना लगा चुके हैं। 2000 खिलाड़ियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। 14 सौ खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिन्हें निशाना लगाना है।

निशानेबाजी के शीर्ष पर तीन बेटियां:

गुरु द्रोण के कल्याण बिगहा शूटिंग रेंज में अंतर विद्यालय राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता हो रही है। एयर राइफल महिला जूनियर वर्ग में पश्चम बंगाल की स्वाति चौधरी कुल 600 अंकों की निशानेबाजी में 595 अंक लाकर सबसे आगे हैं। दूसरे नम्बर पर 594 अंक लाकर उत्तराखंड की अनन्या आनंद तो तीसरे स्थान पर 592 अंक प्राप्त कर प. बंगाल की भीतिका दास अपनी जगह बनायी हुई हैं। सब जूनियर वर्ग में ख्वाहिश शर्मा 400 में 391 अंक लाकर नंबर वन पर बनी हुई है। गुजरात के अवनी कनाभाई सवरा को 382 अंक मिला है। तीसरे रैंक पर सन्दरत रॉय को 380 अंक मिले हैं।

जूनियर पुरुष वर्ग में हरियाणा के गुरुमुख के टॉप 594 अंक का आंकड़ा अबतक किसी ने नहीं छूआ। यूपी का अजय मल्लिक 593 अंक लाकर दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर रहे कर्नाटक के गौतम को 592 अंक आया है। जूनियर पुरुष में 400 अंक के खेल में पश्चिम बंगाल के अभर ज्योति सिंह बसरा को 387 अंक पर पहला रैंक हासिल है। मध्य प्रदेश के सजल सिंह को दूसरा तथा यूपी के सौरभ कुमार का तीसरा स्थान रहा। उन्हें क्रमश: 385 एवं 383 अंक मिले।

जूनियर महिला में हरियाणा की प्रिशा सिंह टॉपर :

जूनियर महिला वर्ग में 392 के साथ हरियाणा की प्रिंसा सिंह टॉप पर हैं। कर्नाटक की वैष्णवी ने 389 व उत्सवी ने 388 अंक लाकर दूसरे व तीसरे रैंक पर बनी हैं। सब जूनियर पुरुष में 388 अंक के साथ कर्नाटक के सर्वेश टॉप पर है। महाराष्ट्र के आर्यन को दूसरा तथा आंध्र प्रदेश के बाली शेट्टी को तीसरा रैंक हासिल रहा। एयर पिस्टल प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग जूनियर में हरियाणा के गोपाल कौशल 600 में 563 लाकर टॉप पर हैं। मध्य प्रदेश के राघव को दूसरा तथा राजस्थान के दुष्यंत को तीसरा रैंक मिला है।

महिला वर्ग में पंजाब की आरिहा अग्रवाल:

महिला वर्ग में पंजाब की आरिहा अग्रवाल को 560 अंक के साथ पहला रैंक, हरियाणा के अंजलि को 554 के साथ तीसरा रैंक तथा दिल्ली की परिसा गुप्ता को 545 के साथ तीसरा स्थान हासिल रहा। वहीं नेशनल रूल के 400 अंक के खेल में दिल्ली की कामाक्षी कुमार को 365 के साथ टॉप, यूपी के अनुराधा को दूसरा तथा श्रेया को तीसरा स्थान मिला।

जूनियर पुरुष में दिल्ली के यशवंत टॉपर:

जूनियर पुरुष में दिल्ली के यशवंत को टॉप 374, आंध्रप्रदेश के यशवंत रेड्डी को दूसरा तथा यूपी के अभिषेक यादव को तीसरा रैंक रहा। सब जूनियर में यूपी के निशांत को 380 अंक के साथ पहला रैंक, हरियाणा के हिमांशु शर्मा को 376 अंक के साथ दूसरा रैंक तथा यूपी के अंकुश नैन को 370 के साथ तीसरा रैंक हासिल रहा। सब जूनियर महिला वर्ग में झारखंड की अशनी अल्वा को 368 अंक के साथ पहला स्थान, कर्नाटक की व्योमिका कृति को दूसरा तथा छतीसगढ़ की वंशिका कामदे को 360 अंक के साथ तीसरा रैंक प्राप्त रहा।

खिलाड़ी राजगीर और नालन्दा का उठा रहे लुत्फ:

दूसरे प्रदेशों से नेशनल गेम में निशाना साधने के लिए आए खिलाड़ी पर्यटक स्थल राजगीर व नालंदा के साथ ही पावापुरी की पर्यटक स्थलों के भी दर्शन कर रहे हैं। निशाना लगाने के बाद या प्रतीक्षारत खिलाड़ी अपने-अपने कोच व टीम मैनेजर के साथ पर्यटक स्थलों का लुत्फ उठा रहे हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि राजगीर के गर्म कुण्ड व नालन्दा खंडहर के बारे में किताबों में पढ़ते थे। अपनी आंखों से देखने की कसक रहती थी। निशानेबाजी का परिणाम है कि इन स्थलों का से रूबरू हुए।

धैर्य और एकाग्रता से करे निशानेबाजी, निश्चित मिलेगी सफलता:

कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट जयदीप करमाकर ने कहा कि खेल संभावनाओं का होता है। थोड़ी-सी चूक में कोई नेशनल-इंटरनेशनल मेडल के हकदार हो जाता है। वहीं, कोई गेम से बाहर हो जाता है। इसलिए, खिलाड़ियों को धैर्य व एकाग्रता से निशानेबाजी करनी चाहिए। छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान देने की जरूरत है। नेशनल गेम में निशाना साधने के लिए आए सभी खिलाड़ी एक से बढ़कर एक हैं। देश के विभिन्न राज्यों से चुनिंदा खिलाड़ियों का कल्याण बिगहा में जमघट लगा है। यहां से निखरकर निकलने वाले खिलाड़ियों को 7 दिसम्बर से भोपाल में होने वाले नेशनल टीम के लिए निशाना साधने का मौका मिलेगा।

इसके लिए आज ही से ही खिलाड़ी तैयारी में जुट जाएं। किसी भी प्रकार का खेल नियमित होना चाहिए। नियमित रूप से अनुशासन में रहकर खेलने वाले खिलाड़ी कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं। दिन-ब-दिन मंजिल उसके करीब होती जकती हैं। कल्याण बिगहा के बारे में कहा कि यह शूटिंग रेंज छोटा है। लेकिन, क्वालिटी मेंटेन है। यहां उच्च तकनीक के हथियार व अन्य उपकरण हैं। उच्च स्तर के कोच मिले तो बेहतर रिजल्ट आ सकता है। देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ी यहां आकर खुश नजर आ रहे हैं। 25 व 50 मीटर रेंज होता तो अक्सर देश-विदेश के खिलाड़ियों की प्रतियोगिता होती रहती।

खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान तो छूएंगे आसमान:

खेल-खेल में सबका जीवन गुजरता जा रहा है। कुछ अलग हटकर खेलने वाले को खिलाड़ी कहते हैं। वेस्ट बंगाल के स्मित चटर्जी, यूपी के बेनम, शोभित चौधरी, बिहार के प्रकाश सिंह, आंध्रप्रदेश की गोपिका, आशीष राज, दिल्ली की महिमा सचदेवा, हिमांशी, प्रिया शर्मा, महाराष्ट्र के भार्गवी कोकने व अन्य खिलाड़ियों ने कहा कि जितना दूसरे देशों में खिलाड़ियों को सम्मान व सरकारी सहयोग मिलता है, उतना हमारे यहां नहीं।

खिलाड़ियों को सहयोग व सम्मान मिलेगा तो आसमान छूने को तैयार हो जाएंगे। खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक हथियार व अन्य संसाधनों से लैस शूटिंग रेंज के साथ-साथ बेहतर पढ़ाई की व्यवस्था, हॉस्टल और खेल का मैदान के साथ बेहतर ट्रेनर चाहिए। इतनी सुविधाएं एक जगह नहीं होने के कारण हम लोग कमी महसूस करते हैं। कहीं बेहतर शूटिंग रेंज है तो पढ़ाई की व्यवस्था कमजोर। कहीं पढ़ाई की व्यवस्था ठीक है तो शूटिंग रेंज मनमुताबिक नहीं है। रेंज व स्कूल अच्छा है तो हॉस्टल व खेलने के लिए मैदान की व्यवस्था नहीं। इसलिए सरकार को पूरी तैयारी के साथ निशानेबाजी को आगे बढ़ाने के लिए आगे आने की आवश्यकता है।

खिलाड़ियों के हौसला बढ़ाने अब तक नहीं आए नेता-अधिकारी:

कल्याण बिगहा में चार दिनों से राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता हो रही है। लेकिन, अब तक खिलाड़ियों के हौसला बढ़ाने के लिए कोई नेता व अधिकारी नहीं आए। खिलाड़ियों ने कहा कि बिहार खेल के क्षेत्र में अन्य राज्यों से काफी पीछे चल रहा है। खेल के प्रति यहां के नेताओं व अधिकारियों की उत्सुकता बहुत कम है। इस कारण भी खेल में बिहार उतना आगे नहीं बढ़ रहा है, जितना बढ़ना चाहिए।

दूसरे प्रदेशों से आए खिलाड़ियों ने कहा कि खेल टीम भावना से होता है। जिस तरह गायक, कलाकार व कवियों की हौसले तालियों की गड़गड़ाहट से बढ़ते हैं ठीक उसी तरह खिलाड़ियों को नेताओं, अधिकारियों व गणमान्य लोगों से हाथ मिलाकर गर्व होता है। नेशनल गेम के चौथे दिन स्थानीय विधायक व सांसद शौक से भी देखने नहीं आए। और, कोई बड़े अधिकारी खिलाड़ियों से मिलने आए हैं। इतना बेहतर शूटिंग रेंज होने के बाद भी बिहार के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्या राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान नहीं बना पा रहे हैं।

खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनर के मार्गदर्शन में निखार लाने की जरूरत है। बिहार से गुजरात के खिलाड़ी कई मायने में आगे हैं। गुजरात के शूटिंग रेंज से कल्याण बिगहा शूटिंग रेंज काफी आकर्षक है। खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां बेहतर इक्यूपमेंट हैं। यहां के खिलाड़ी को बेहतर अवसर मिले तो राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकते हैं। खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना व उसके अभिभावकों में अपने बच्चे का रिजल्ट के प्रति ललक होता है। बड़े अधिकारी व नेताओं से हाथ मिलाने के बाद खिलाड़ियों में हौसले का पंख लग जाता है।

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