विश्व का सबसे बड़ा व समृद्ध है भारत का संविधान
नालंदा खुला विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का किया गया आयोजन विश्व का सबसे बड़ा व समृद्ध है भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा व समृद्ध है भारत का संविधान

नालंदा खुला विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का किया गया आयोजन नालंदा, निज संवाददाता। नालंदा खुला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक प्राध्यापिका डॉ. संगीता कुमारी ने की। उन्होंने बताया कि भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. रविन्द्र कुमार ने कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा और समृद्ध संविधान है। उन्होंने कहा कि संविधान का मूल भाव देश की संबद्धता एवं संसूचिता को प्रदर्शित करता है। यह सभी नागरिकों को अपना जीवन चलाने के लिए समुचित सुविधा प्रदान करता है।
देश का हर नागरिक अपना विकास कर सकता है। संविधान के अनुच्छेद में समभाव, सद्भाव, पारस्परिक सेवा एवं मानव मूल्यों का समावेश है। इससे धार्मिक सद्भाव आता है। कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए कौशल युक्त कार्यक्रम किया जाएगा। वित्त पदाधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी लोग किसी ने किसी क्षेत्र में कुशलता प्राप्त करें तो आत्मनिर्भर बन जाएंगे। डॉ. किरण पांडेय ने कहा कि संविधान जीवन में उतारने की चीज है। मौके पर डॉ. अमरनाथ पांडेय, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. पल्लवी आदि मौजूद थीं।

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