Biharsharif News: नगर निगम में शामिल हुए 4 साल पहले, अब 55 सौ मकानों से होल्डिंग टैक्स वसूलने की तैयारी
Biharsharif News: नगर निगम में शामिल होने के चार साल बाद अब 55 सौ मकान मालिकों पर होल्डिंग टैक्स का भार पड़ने वाला है। सर्वे के बाद, पिछले चार साल का टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही है। कर निर्धारण प्रक्रिया पूरी हो गई है और जल्द ही वसूली शुरू की जाएगी।

Biharsharif News: हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : नगर निगम में शामिल हुए 4 साल पहले, अब 55 सौ मकानों से होल्डिंग टैक्स वसूलने की तैयारी 2022 से निगम में शामिल पांच वार्ड, सर्वे पूरा हुआ अब तो टैक्स होगा निर्धारित मकान मालिकों की जेब पर पड़ेगा चार साल के टैक्स का बोझ सड़क और मकान के इस्तेमाल से तय होगी होल्डिंग टैक्स की दर फोटो: नगर निगम : नगर निगम प्रशासनिक भवन। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। नगर निगम में शामिल होने के चार साल बाद अब पांच नये वार्डों के करीब 55 सौ मकान मालिकों पर होल्डिंग टैक्स का भार पड़ने वाला है। वर्ष 2022 में परिसीमन के दौरान नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए वार्ड संख्या 47, 48, 49, 50 और 51 में हाउस होल्ड सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। अब इन मकानों से निगम में शामिल होने की तिथि से ही होल्डिंग टैक्स की वसूली की जाएगी। यानी, मकान मालिकों को पिछले चार साल का टैक्स चुकाना होगा। निगम प्रशासन ने कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही वसूली शुरू करने की तैयारी है।
चार साल तक नहीं हो सकी थी कर निर्धारण की प्रक्रिया
नये वार्डों को निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद हाउस होल्ड सर्वे और कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने में करीब चार साल लग गये। अब प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम प्रशासन पुराने वर्षों का भी टैक्स वसूलने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार विभागीय नियम के तहत जिस समय से कोई इलाका नगर निगम में शामिल होता है, उसी समय से उस क्षेत्र के मकानों पर होल्डिंग टैक्स देय होता है। इसी आधार पर 2022 से टैक्स निर्धारित किया गया है।
सर्वे के अनुसार टैक्स
नगर निगम की टीम ने पांचों नये वार्डों में घर-घर जाकर हाउस होल्ड सर्वे किया है। इसमें मकानों का क्षेत्रफल, निर्माण की स्थिति, सड़क की श्रेणी और भवन के उपयोग समेत आवश्यक जानकारियां जुटायी गयी हैं। इन्हीं विवरणों के आधार पर प्रत्येक मकान का टैक्स निर्धारित किया गया है। इससे निगम के राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
सड़क और मकान के इस्तेमाल से तय होगी दर
होल्डिंग टैक्स के निर्धारण में सड़क की स्थिति और मकान के उपयोग को प्रमुख आधार बनाया गया है। सड़कों को प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और अन्य सड़क की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, भवनों को पूर्णत: व्यावसायिक या औद्योगिक, अन्य और पूर्णत: आवासीय श्रेणी में बांटा गया है। इससे एक ही इलाके में स्थित अलग-अलग मकानों का टैक्स उनकी श्रेणी के अनुसार अलग हो सकता है।
प्रधान मुख्य सड़क पर व्यावसायिक मकान का 36 रुपये प्रति वर्गफीट
प्रधान मुख्य सड़क पर पक्के व्यावसायिक मकान के लिए 36 रुपये प्रति वर्गफीट की दर निर्धारित की गयी है। इसी श्रेणी की सड़क पर अन्य मकानों के लिए 24 रुपये और पूर्णत: आवासीय मकानों के लिए 12 रुपये प्रति वर्गफीट की दर है। अन्य सड़कों और गलियों में स्थित मकानों के लिए भी निर्धारित श्रेणी के अनुसार कर की गणना होगी।
गलियों के मकानों का भी होगा वर्गीकरण
निगम क्षेत्र की अन्य सड़कों, मोहल्लों और गलियों में बने मकानों को भी अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इनमें मोहल्ले के अंदर व्यावसायिक मकान, गलियों के मकान और आवासीय भवन शामिल हैं। भवन के वास्तविक उपयोग के आधार पर कर का निर्धारण किया जाएगा।
गलत टैक्स निर्धारण पर सीधे निगम कार्यालय पहुंचें
नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन ने कर संग्रहकों को मकान मालिकों को टैक्स की दर और निर्धारण की सही जानकारी देने का निर्देश दिया है। किसी मकान मालिक को टैक्स के संबंध में गलत जानकारी दी जाती है या निर्धारण को लेकर कोई भ्रम है तो वह सीधे नगर निगम कार्यालय से संपर्क कर सकता है। निगम प्रशासन का कहना है कि नये वार्डों में कर निर्धारण की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की गयी है और जल्द ही वसूली शुरू की जाएगी।


