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मनरेगा मजदूरों को पांच माह से नहीं मिल रहा काम

मनरेगा मजदूरों को पांच माह से नहीं मिल रहा काम

संक्षेप:

बरसात में चार माह बंद रहा कच्चा वर्क, अब ईकेवाईसी का लफड़ा बरसात में चार माह बंद रहा कच्चा वर्क, अब ईकेवाईसी का लफड़ा जिले में 3.18 लाख है मनरेगा मजदूर, मजदूरी से लेकर मटेरियल में भुगतान लंबित ...

Thu, 4 Dec 2025 05:05 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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बरसात में चार माह बंद रहा कच्चा वर्क, अब ईकेवाईसी का लफड़ा जिले में 3.18 लाख है मनरेगा मजदूर, मजदूरी से लेकर मटेरियल में भुगतान लंबित बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। मनरेगा मजदूरों को पांच माह से अधिक समय से काम नहीं मिल रहा है। बरसात को लेकर चार माह कच्चा वर्क का काम बंद रहा। बरसात को लेकर 15 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक काम मनरेगा में कच्चा वर्क बंद रहता है। कच्चा वर्क बंद रहने के स्थान पर पौंधारोपण का कार्य तो चला लेकिन इसमें महज एक फीसद मजदूरों को काम मिला। बरसात की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद अब ई-केवाईसी का लफड़ा चल रहा है।

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ई-केवाईसी क्लियर होने के बाद ही मनरेगा से कार्य सुचारू हो पायेंगे। जिले के 3.18 लाख मनरेगा मजदूरों में से अब तक 1 लाख 51 हजार मजदूरों ने ही ईकेवाईसी कराया है। जो कार्डधारियों की 45 फीसद है। डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि ई-केवाईसी का कार्य जारी है। इसकी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। इस कार्य में लापरवाही पीओ, पीआरएस से जवाब-तलब किया गया है। शत फीसद मजदूरों का ईकेवाईसी कराये जाने का आदेश दिया गया है। मटेरियल मद में सात माह से भुगतान लंबित: मजदूरी से लेकर मटेरियल मद् में भुगतान लंबित है। मनरेगा मजदूरों को करीब एक माह से तो मटेरियल मद् में सात माह से भुगतान लंबित है। अधिकारियों की मानें तो जिला स्तर मटेरियल मद् में पिछले सात माह से बकाया लंबित है। साथ ही दो साल से पूर्व का मटेरियल मद में बकाया है। नालंदा में मटेरियल मद में 20 करोड़ रुपये से भी अधिक का बकाया हो गया है। क्या है ईकेवाईसी: ईकेवाईसी- ईलेक्ट्रोनिक्स नो योर कस्टमर। यह एक प्रक्रिया है जिससे यह पता लगाया जाता है। जिसके नाम से जॉब कार्ड है। वे काम करना चाहते है। उनके कार्ड को कोई दूसरा गलत इस्तेमाल नहीं कर रहा है।