मनरेगा: मटेरियल मद में वर्षों से भुगतान लंबित, 200 करोड़ बकाया

हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को वर्षों से मटेरियल मद में 200 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं मिला है। जनवरी 2026 से मजदूरी भी पूरी तरह से बंद है। केंद्र सरकार ने केवल नौ प्रतिशत राशि के भुगतान का आदेश दिया है, जिससे वेंडरों पर दबाव बढ़ रहा है। मनरेगा का नाम एक अप्रैल से बदलकर 'वीबी जीराम जी' होगा।

मनरेगा: मटेरियल मद में वर्षों से भुगतान लंबित, 200 करोड़ बकाया

मनरेगा: मटेरियल मद में वर्षों से भुगतान लंबित, 200 करोड़ बकाया जनवरी से मजदूरों को नहीं मिला पैसा, मजदूरी भी बंद कैसे केंद्र से महज नौ प्रतिशत राशि के भुगतान का आदेश, वेंडरों का बढ़ा दबाव बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। जिले में मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले मजदूर और वेंडर इन दिनों भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। मटेरियल मद में पिछले कई सालों से 200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अटका हुआ है। इसके साथ ही, जनवरी 2026 से मजदूरी का भुगतान भी पूरी तरह से बंद है। इससे मेहनत-मजदूरी करने वालों में भारी निराशा है। वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और चालू वित्तीय वर्ष का भुगतान अब तक लंबित है।

लोगों को मार्च के अंत तक पूर्ण भुगतान की उम्मीद थी, जो अब खत्म होती दिख रही है। मनरेगा कर्मियों के अनुसार, केंद्र सरकार ने मटेरियल के बकाया में महज नौ फीसदी राशि के भुगतान का आदेश दिया है। इतनी कम राशि आने से पंचायत स्तर पर सामग्री सप्लाई करने वाले वेंडरों का दबाव अधिकारियों पर बढ़ना तय है। एक अप्रैल से बदल जाएगा मनरेगा का नाम: एक अप्रैल से मनरेगा का नाम बदलकर 'वीबी जीराम जी' (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार) होने जा रहा है। आगे के सभी कार्य इसी नाम से संचालित होंगे। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत कार्यों के क्रियान्वयन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट विभागीय आदेश नहीं आया है। इससे आगे के काम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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