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आर्य समाज रोड में टावर झूला पर झुलती हुई दर्शन देंगी मां दुर्गा

हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:50 PM
आर्य समाज रोड में टावर झूला पर झुलती हुई दर्शन देंगी मां दुर्गा

आर्य समाज रोड में टावर झूला पर झुलती हुई दर्शन देंगी मां दुर्गा

तेल्हाड़ा के कारीगर बना रहे झूला तो नूरसराय के कलाकार नव दुर्गा की प्रतिमा

फोटो:-

हिलसा मां दुर्गा: हिलसा बाजार के आर्य समाज रोड में झूला टावर से झुलती नवदुर्गा की निर्माणाधीन प्रतिमा।

हिलसा। निज प्रतिनिधि

दशहरा के महज अब कुछ दिन शेष बचे हैं। मां दुर्गा की पूजा आराधना के लिये बच्चे बूढ़े जवान हर कोई उत्साहित है। पूजा समिति के सदस्यों द्वारा अभी से ही अपने अपने तरीके से मां की आकर्षक प्रतिमा बनायी जा रही है। इस बार हिलसा बाजार के आर्य समाज रोड में झूला टावर पर मां नव दुर्गा झुलती नजर आएंगी। इसके लिए नूरसराय के कलाकार नवदुर्गा की प्रतिमा बनाने में लगे हैं। जबकि, तेल्हाड़ा के कारिगर झूले टावर को अंतिम रूप देने में लगे हैं।

दशहरा के नाम से ही लोगों में एक अलग शक्ति का संचार होने लगता है। इस दौरान भक्त कहीं मां दुर्गा की तो कहीं मां काली और मां भारती का दर्शन करते हैं। इनके साथ ही मां सरस्वती समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा भी स्थापित की जाती है। भक्त पूरे श्रद्धाभाव से दस दिनों तक मां की पूजा अर्चना करते हैं। पूरा दशहरा मेला लगा रहता है। हालांकि, बाजारों व पंडालों में सप्तमी के बाद से भक्तों का रेला लगना शुरू होता है। नवमी व दसवीं को बहुत ही अधिक भीड़ रहती है। हिलसा शहर के आर्य समाज रोड में हमेशा मां दुर्गा की अलग अलग रूपों में प्रतिमा स्थापित होती आ रही है। इसी क्रम में इस बार नव ज्योति स्टार क्लब पूजा समिति के सदस्यों ने झूले टावर पर ही मां नव दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की है। झूला टावर पर झूलते नवदुर्गा के अलग अलग रूपो में भक्त दर्शन करेंगे। प्रतिमा व पंडाल हमेशा से अपनी अनूठी व आकर्षक सजावट को लेकर दर्शकों के लिये आकर्षण का केंद्र रही है। इस बार झूला पर सवार नवदुर्गा विराजमान रहेंगी। यह दर्शकों के लिए बहुत ही मनोरम होगा।

झूला, पंडाल और प्रतिमा निर्माण पर छह लाख होंगे खर्च:

टावर झूला का निर्माण तेल्हाड़ा के बहादुर मिस्त्री कर रहे हैं। टावर झूला मशीन के सहारे धीमी गति से राउंड लगाती रहेगी। ताकि झूला पर विराजमान अलग अलग रूपों वाली मां नवदुर्गा की दर्शन भक्त कर सकें। झूला निर्माण में कारीगर दिन रात लगे हुए हैं। वही नूरसराय के कलाकार नवदुर्गा के अलग अलग रूपों की प्रतिमा बनाने में लगे हैं। स्थानीय कलाकार पंडाल को सजाएंगे। इस पर छह लाख से अधिक खर्च किया जा रहा है।

42 वर्षो से चली आ रही परंपरा, बुजुर्गों के बाद युवाओं ने संभाली कमान:

समिति के सचिव गुड्डू मालाकार, दिलीप कुमार, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार, राज वर्मा, रंजन तिवारी, सुजीत कुमार पांडेय व अन्य ने बताया कि वर्ष 1981 से इस जगह पर पूजा होती आ रही है। पूजा को कभी हमलोगों ने बन्द नहीं होने दिया। पहले हमलोगों के अभिभावक इस काम में लगे रहते थे। अब युवावर्ग इसमें सहयोग कर रहा है। पहले सिर्फ मां दुर्गा व अन्य देवी देवताओं की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाती थी। लेकिन, अब हर साल कुछ नया करने की कोशिश रहती है।

दो दर्जन वोलेंटियर भीड़ पर रखेंगे नजर:

कोरोना की संभावित आशंका को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित रखने व भक्तों की सुरक्षा के लिए दो दर्जन से अधिक वोलेंटियर तैनात रहेंगे। साथ ही कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा।

हर बार कुछ नया करने का प्रयास हमेशा से रहा है। यहां की साज सजावट, रंग बिरंगी लाइट व खूबसूरती इसे अन्य से अलग व विशिष्ट बनाती है। पंडाल परिसर में सीसीटीवी कैमरा होगी। पंडाल की हर गतिविधि पर तीसरी नजर रहेगी। दर्शक मास्क लगाकर ही मां के दर्शन कर सकेंगे।

संजय कुमार, अध्यक्ष, नव ज्योति स्टार क्लब, आर्य समाज रोड हिलसा

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