
जीवनपुर स्कूल : महज एक कमरा, 45 बच्चे और शिक्षक 5
जीवनपुर प्राथमिक विद्यालय में महज एक कमरा है, जिसमें 45 बच्चे और 5 शिक्षक पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा विभाग करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाया है। किचेन शेड की कमी के कारण बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने में भी कठिनाई हो रही है।
जीवनपुर स्कूल : महज एक कमरा, 45 बच्चे और शिक्षक 5 खुले आसमान के नीचे बनता है एमडीम, नहीं है किचेन शेड की सुविधा फोटो : जीवनपुर स्कूल : हरनौत प्रखंड के जीवनपुर प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को बरामदे में पढ़ाई करते बच्चे व अन्य। हरनौत, हिन्दुस्तान संवाददाता। शिक्षा विभाग हर साल विद्यालय भवन निर्माण व अन्य बुनियादी सुविधाओं पर करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रहा है। लेकिन, प्रखंड के जीवनपुर प्राथमिक विद्यालय तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में विफल साबित हो रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा इस विद्यालय में नामांकित महज 45 बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षक तैनात कर दिये गये हैं।
लेकिन, बच्चों को बैठकर पढ़ाई करने के लिए प्रर्याप्त कमरे ही नहीं हैं। महज एक कमरा है। इ में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराने की खानापूर्ति की जा रही है। हद तो यह कि मध्याह्न भोजन बनाने के लिए किचेन शेड तक की सुविधा नहीं है। खुले आसमान के नीचे एमडीएम बनाने को रसोईयों की विवशता बनी हुई है। प्रधान शिक्षिका प्रियंका कुमारी ने बताया कि वर्ग कक्ष की कमी की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चुनौती बना हुआ है। एक ही कमरे में कई कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाई करायी जा रही है। कई बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराना पड़ रहा है।

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