किसानों को स्वस्थ मिट्टी के बारे में दिया गया प्रशिक्षण
हरनौत के कृषि विज्ञान केन्द्र में 'खेत बचाओ अभियान' के तहत 52 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग, मिट्टी स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। वैज्ञानिकों ने मिट्टी जांच रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया।

केवीके में खेत बचाओ अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम विभिन्न प्रखंडों के 52 किसानों को दी गयी उपयोगी जानकारी फोटो : हरनौत केवीके-हरनौत के कृषि विज्ञान केन्द्र में मंगलवार को प्रशिक्षण प्राप्त करते किसान। हरनौत, निज संवाददाता। केन्द्र सरकार के खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र में मंगलवार को किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रखंडों के 52 किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मिट्टी स्वास्थ्य संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। अभियान का मूल मंत्र स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत है। वरीय वैज्ञानिक डॉ. सीमा कुमारी, मृदा विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. यूएन उमेश ने कहा कि ने कहा कि उर्वरकों का उपयोग मिट्टी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही करना चाहिए।
अंधाधुंध रासायनिक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है। उन्होंने हरी खाद का उपयोग, कम से कम एक दलहनी फसल उगाने, प्राकृतिक खेती तथा कंपोस्ट खाद के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। मौके पर गृह विज्ञान की वैज्ञानिक डॉ. ज्योति सिन्हा, पशु एवं चिकित्सा विज्ञान के वैज्ञानिक उदय प्रकाश नारायण ने भी अपने विचार रखे। (हरनौत से श्रवण लाल)


