
इस्लामपुर में जदयू की उम्मीदवार बदलने की रणनीति हुई सुपरहिट
संक्षेप: इस्लामपुर में जदयू की उम्मीदवार बदलने की रणनीति हुई सुपरहिट इस्लामपुर में जदयू की उम्मीदवार बदलने की रणनीति हुई सुपरहिट इस्लामपुर में जदयू की उम्मीदवार बदलने की रणनीति हुई सुपरहिट
इस्लामपुर में जदयू की उम्मीदवार बदलने की रणनीति हुई सुपरहिट राजद का इकलौता किला ध्वस्त करने वाले रूहैल रंजन कौन हैं जदयू के नए चेहरे ने राजद के सिटिंग विधायक राकेश रौशन को 32,239 वोटों के महा-अंतर से हराया 2020 में राजद ने 3,698 वोटों से जीती थी जिले की इकलौती इस्लामपुर सीट रूहैल रंजन की जीत ने ही एनडीए का 7-0 से क्लीन स्वीप का पूरा किया सपना फोटो: रुहैल: रुहैल रंजन। बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। नालंदा में एनडीए के 7-0 से क्लीन स्वीप के यदि कोई मैन ऑफ द मैच हैं, तो वो हैं इस्लामपुर से जदयू के नए चेहरे रूहैल रंजन।

रूहैल ने न सिर्फ एक बड़ी जीत दर्ज की, बल्कि वह काम किया जो 2020 में जदयू नहीं कर पाई थी। उन्होंने राजद के सिटिंग विधायक और नालंदा में विपक्ष के इकलौते किले को 32,239 वोटों के एक महा-अंतर से ध्वस्त कर दिया। शुक्रवार को हुई मतगणना में रूहैल रंजन को कुल 1,00,487 वोट मिले। जबकि, राजद के निवर्तमान विधायक राकेश कुमार रौशन 68,248 वोटों पर ही सिमट गए। यह जीत जदयू और एनडीए के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न थी। 2020 के चुनाव में, जब नीतीश कुमार के गृह जिले की 6 सीटों पर एनडीए का परचम लहराया था। तब यही इस्लामपुर सीट थी जहाँ राजद के राकेश रौशन ने जदयू के चंद्रसेन प्रसाद को 3,698 वोटों (राकेश को 68,088, चंद्रसेन को 64,390) के अंतर से हराकर महागठबंधन का खाता खोला था। जदयू का 2000 से 2015 तक का लगातार छह जीतों का सिलसिला 2020 में यहीं टूटा था। इस बार जदयू ने अपनी हारी हुई सीट को वापस पाने के लिए रणनीति बदली और चंद्रसेन प्रसाद की जगह युवा उद्यमी रूहैल रंजन पर दांव खेला, जो पूरी तरह कामयाब रहा। जदयू ने न सिर्फ अपनी हारी हुई सीट वापस पाई। बल्कि, 2020 की 3,698 वोटों की हार को 32,239 वोटों की एकतरफा महा-जीत में बदल दिया। रूहैल की इस जीत ने ही एनडीए का सप्तऋषि यानी 7-0 का सपना पूरा किया। कौन हैं रूहैल रंजन: आखिर राजद का यह किला ध्वस्त करने वाले रूहैल रंजन हैं कौन। रूहैल का परिचय सिर्फ इतना नहीं है कि वह एक युवा उद्यमी हैं। वह एक ऐसी राजनीतिक विरासत से आते हैं, जिसकी तीन पीढ़ियों ने बिहार और राष्ट्रीय राजनीति को दिशा दी है। उनका पैतृक गांव एकंगरसराय प्रखंड के सोनियावां पंचायत का खुशहालपुर है। उनके नाना, प्रो. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री, बिहार सरकार में मंत्री, त्रिपुरा के राज्यपाल और नालंदा से चार बार सांसद रहे। वहीं, उनके दादा, रामशरण प्रसाद सिंह, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष, कई बार विधायक-विधान पार्षद और राज्य के विभिन्न मुख्यमंत्रियों के शासनकाल में मंत्री रह चुके हैं। यह विरासत उनके पिता तक आई। उनके पिता, स्व. राजीव रंजन, 2010 में इस्लामपुर से ही जदयू के विधायक चुने गए थे और बाद में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता भी रहे। पिता के निधन के बाद रूहैल का राजनीति में आना इस्लामपुर की सियासत में एक बड़ा कदम माना जा रहा था। सिर्फ विरासत नहीं, स्टैनफोर्ड-एमबीए की भी पहचान: लेकिन रूहैल की पहचान सिर्फ उनकी राजनीतिक विरासत तक सीमित नहीं है। उनकी शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर अनुभव उन्हें नई पीढ़ी के नेताओं में सबसे अलग खड़ा करता है। नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र के अनुसार, रूहैल की छवि पूरी तरह बेदाग है और उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने 2002 में बीआईटी मेसरा (रांची) से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। इसके बाद 2008 में अमेरिका की सैन जोस स्टेट यूनिवर्सिटी से एमबीए किया और दुनिया की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया। वह लंबे समय से ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में एक सफल उद्यमी के रूप में सक्रिय रहे हैं। इस्लामपुर का इतिहास और 2025 का नतीजा: इस्लामपुर सीट का इतिहास समाजवादी विचारधारा से प्रभावित रहा है। पिछले 17 चुनावों में यहाँ 11 बार समाजवादी पार्टियों को जीत मिली है। यह जदयू का गढ़ भी रही है। जिसने 2000 से 2015 तक लगातार छह बार यहाँ जीत दर्ज की। 2020 में राजद की जीत को एक ब्रेक के तौर पर देखा गया। इस सीट पर कुर्मी और यादव वोटर निर्णायक भूमिका में माने जाते हैं, साथ ही रविदास, पासवान, मुस्लिम और कोइरी वोटर भी अच्छी संख्या में हैं। जदयू ने रूहैल रंजन के रूप में एक उच्च शिक्षित, बेदाग छवि और मजबूत राजनीतिक विरासत वाले उम्मीदवार को उतारकर न केवल अपना पुराना वोट बैंक साधा, बल्कि एक फ्रेश फेस देकर राजद के सिटिंग विधायक को भी मात दे दी। इस सीट पर जन सुराज की तनुजा कुमारी 4,779 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं, जिससे यह मुकाबला पूरी तरह दो-ध्रुवीय ही रहा। 2025 में प्राप्त मत: प्रत्याशी : दल : मत रूहेल रंजन : जदयू : 100487 राकेश कुमार रौशन : राजद : 68248 तनुजा कुमारी : जन सुराज : 4779

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