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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु

संक्षेप:

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु

Thu, 14 Aug 2025 10:15 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, तैयारी में जुटे हैं श्रद्धालु मंदिर और ठाकुरबाड़ियों को सजाया संवारा जा रहा भक्तजनों में दिख रहा श्रद्धा और उत्साह पावापुरी, निज संवाददाता। जन्माष्टमी का पवित्र पर्व इस बार शनिवार को मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर की तैयारी में श्रद्धालु श्रद्धा और उत्साह के साथ जुट गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है, और इसके लिए मंदिरों, घरों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पंडित पुरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा और भक्ति के अनुसार घरों में भगवान कृष्ण की मूर्तियों की सजावट कर रहे हैं।

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जन्माष्टमी पर राधाकृष्ण ठाकुरवाड़ी में विशेष कीर्तन और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों में विशेष सजावट और लाइटिंग की जा रही है। ताकि, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का स्वागत भव्य रूप से किया जा सके। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जहां वे भगवान कृष्ण से जुड़ी कहानियों, गीतों और भजनों को साझा कर रहे हैं। साथ ही, बाजारों में भी रौनक है; फल, फूल, मिठाई, और पूजा सामग्री की खरीदारी जोरों पर है। जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर, श्रद्धालु भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्ति के लिए उपवास रखेंगे और मध्यरात्रि को भगवान के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। उत्सव की तैयारियों में जुटे श्रद्धालु पूरे हर्ष और उल्लास के साथ भगवान कृष्ण के आगमन का इंतजार कर रहे हैं। 43 मिनट शुभ मुहूर्त: ज्योतिष के जानकार पं. मोहन कुमार दत्त मिश्र बताते हैं कि इसबार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृद्धि योग, ध्वांक्ष योग के साथ ही सर्वाथसिद्धि योग बन रहे हैं। यह व्रत भाद्र कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए चार बातों की प्रधानता मानी गयी है। अष्टमी तिथि मध्य रात्रि में हो, रोहिणी नक्षत्र संयुक्त हो, वृष की चन्द्रमा साथ-साथ हो और जयंती योग निर्माण होना चाहिए। 16 अगस्त की रात्रि वृष की चन्द्र का उदय रात 11.17 पर हो रहा है। इसलिए इसबार शुभ मुहूर्त केवल 43 मिनट का ही होगा।